Wednesday, April 25, 2012

हिलती दीवारे अब नींव पे असर डालने लगी है,
नफरत की आग हर किसी को उबालने लगी है.
सिर लिये हाथ में फिरते  देश भक्त वीर जवान, 
पर अब शेरनियां लोमड़ी से बच्चे पालने लगी है.
मेरे भारत देश की नही किसी को चिन्ता फिकर,
नेता जुंडलियां सिर्फ अपना घर सम्भालने लगी है.
उठो भारत वासियों कही हो न जाये बहुत विलम्ब,
मुसीबतें अब हवा में पत्थरों को उछालने लगी है...."रैना"



मत न पूछे हाल अपना,
गम रखे  है ख्याल अपना.
दिल हुआ है जरद पीला,
रंग वैसे लाल अपना.
मार खाते गांधी से,
पेश कर दे गाल अपना.
जन्म दिन बेशक मनाते,
कम हुआ एक साल अपना........"रैना" 

Tuesday, April 24, 2012

mere yar khuda jaise

प्यार से मांगी दुआ जैसे,
यार तो होते खुदा जैसे,
क्या कहे अन्दाज है कैसे, 
मस्त बहकी सी फिजा जैसे.
बेवफा भी कुछ निकलते है,
यार वो है बददुआ जैसे.
मैं तभी तो खुशनसीब हुआ,
यार मेरे है हवा जैसे............."रैना"