जब से तेरा दीवाना हो गया,
सारा शहर बेगाना हो गया।
देख तेरे हसीन मस्त जलवे,
तीरे नजर का निशाना हो गया।
मैं तो मरने की सोच रहा था।
अब तो जीने का बहाना हो गया।
सिर्फ चेहरा ही खिला खिला है,
इंसान का दिल काला हो गया।
अब तो शहर में तेरे ही चर्चे,
"रैना"तो इक अफ़साना हो गया। "रैना"
बहके क़दमों को कभी रोका कीजिए,
अपने बारे में भी कभी सोचा कीजिए।
जिनको दिल के करीब रखा हो कभी,
उनसे भूल कर भी न धोखा कीजिए।
दिल का क्या अक्सर भटक जाता है,
हाथ से निकल न जाये टोका कीजिए।
दूसरों के घरों पे रहती है नजर तेरी,
रैना"अपने घर का भी मौका कीजिए।"रैना"