Monday, December 23, 2013

अहसास उसको ही होता है,
जिसने जिंदगी को देखा है।
मां बाप का दुःख क्या जाने,
वो लाड़ला बिगड़ा बेटा है।
गर आदमी खफा फिर क्या,
देने वाला तो सुख ही देता है।
सबकुछ दिया मगर सब्र नही,
रैना" फिर भी अक्सर रोता है। रैना" 

Wednesday, December 11, 2013

sach ki goli hjm nhi

सच की गोली हजम नही होती,
झूठ का चिंगम चबा रहे हैं लोग,
गूंगे बहरे कुछ बोलते ही नही,
सिर्फ गर्दन ही हिला रहे हैं लोग।
महंगाई में जीने की बात बेमानी,
बेबसी में वक्त बिता रहे हैं लोग।
नेता की सोच बदलेगी सवेरा होगा,
फिर वोट डालने जा रहे हैं लोग। "रैना"

पत्नी --सुनते हो,
पति --चीखता हुआ क्या है,
पत्नी ---पहले तो झाड़ू से तुम ही डरते थे,
पति ----फिर ?????
पत्नी ----अब झाड़ू को देख नेता थर थर कांपते हैं।
है न कमाल। रैना"

Tuesday, December 10, 2013

aam aadmi ne

आओ हंस ले

आम आदमी ने नेताओं को झाड़ू की अहमियत बता दी है,
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर तो पूरी ही झाड़ू लगा दी है,
अब तो ऐसा लगता है शीला दीक्षित झाड़ू देख रोती होगी,
सोनिया गांधी को नही झाड़ू को प्रणाम कर के सोती होगी।
सुप्रभात जी  -----------------------------जय जय मां


Monday, December 9, 2013

aap ne jhadu lga diya

आप ने झाड़ू लगा दिया,
सोते नेताओं को जगा दिया,
शीला को आइना दिखा दिया,
हर्षवर्धन का सपना मिटा दिया।
केजरीवाल की मेहनत रंग लाई,
अन्ना ने जादू चला दिया।
आप ने झाड़ू। .......... रैना   

nek krm kro krmo ka fl milta hai

नेक कर्म करो,
कर्मों का फल मिलता है,
देर से सही पर,
किस्मत का फूल खिलता है।
सुप्रभात जी ------जय जय मां  

Sunday, December 8, 2013

sochta kuchh aur to

सोचता कुछ और तो हो रहा कुछ और है,
अब घड़ी मुश्किल बड़ी आदमी कमजोर है।
बाप बेटे से दुखी हाल से बेहाल मां,
प्यार मन में ही नही बेवजह का शौर है।
इश्क में मुश्किल बड़ी अब वफ़ा मिलती नही,
क्यों गिला शिकवा करे बेवफा ये दौर है।
रात होनी है अभी सोच ले रैना कभी,
उठ मुसाफिर चल दिये क्यों न करता गौर है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Saturday, December 7, 2013

brfa

इन्सां मैं से जुदा हो जाये,
बेशक तब वो खुदा हो जाये,
तब रहती कब होश अपनी,
जब ये दिल फ़िदा हो जाये। "रैना"

Friday, December 6, 2013

tere didar

तेरे दीदार को अक्सर मेरा मन भटकता है,
तेरा पास हो के दूर रहना मुझे खटकता है।रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय मां 

apni apni kismat hai

अपनी अपनी किस्मत है,
कुछ कुत्ते बन के भी मौजे उड़ाते हैं,
और कुछ ??????
इन्सान बन के भी धक्के खाते हैं।
अपनी अपनी किस्मत है। रैना"

निखरे निखरे तुम रहते हो ये मशवरा किसका है,
लगता तुम जान गए जो दिखता है वो बिकता है। रैना "

Thursday, December 5, 2013

bujkte sholo ko

बुझते शोलों को हवा दे गया कोई,
मैं बीमार को दवा दे गया कोई। रैना"

मैं क्या मेरी मस्ती है,
तुझ से रोशन बस्ती है
मैं मैं केवल मैं मैं है,
तू तू की ही हस्ती है। रैना

Tuesday, December 3, 2013

baj bhi bujhdil ho gye

बाज भी बुझदिल हो गये कबूतरों के शहर में,
खैर सोहबत का असर तो हर किसी पे पड़ता है। रैना"