अपनी अपनी किस्मत है,
कुछ कुत्ते बन के भी मौजे उड़ाते हैं,
और कुछ ??????
इन्सान बन के भी धक्के खाते हैं।
अपनी अपनी किस्मत है। रैना"
निखरे निखरे तुम रहते हो ये मशवरा किसका है,
लगता तुम जान गए जो दिखता है वो बिकता है। रैना "
कुछ कुत्ते बन के भी मौजे उड़ाते हैं,
और कुछ ??????
इन्सान बन के भी धक्के खाते हैं।
अपनी अपनी किस्मत है। रैना"
No comments:
Post a Comment