सच की गोली हजम नही होती,
झूठ का चिंगम चबा रहे हैं लोग,
गूंगे बहरे कुछ बोलते ही नही,
सिर्फ गर्दन ही हिला रहे हैं लोग।
महंगाई में जीने की बात बेमानी,
बेबसी में वक्त बिता रहे हैं लोग।
नेता की सोच बदलेगी सवेरा होगा,
फिर वोट डालने जा रहे हैं लोग। "रैना"
पत्नी --सुनते हो,
पति --चीखता हुआ क्या है,
पत्नी ---पहले तो झाड़ू से तुम ही डरते थे,
पति ----फिर ?????
पत्नी ----अब झाड़ू को देख नेता थर थर कांपते हैं।
है न कमाल। रैना"
झूठ का चिंगम चबा रहे हैं लोग,
गूंगे बहरे कुछ बोलते ही नही,
सिर्फ गर्दन ही हिला रहे हैं लोग।
महंगाई में जीने की बात बेमानी,
बेबसी में वक्त बिता रहे हैं लोग।
नेता की सोच बदलेगी सवेरा होगा,
फिर वोट डालने जा रहे हैं लोग। "रैना"
पत्नी --सुनते हो,
पति --चीखता हुआ क्या है,
पत्नी ---पहले तो झाड़ू से तुम ही डरते थे,
पति ----फिर ?????
पत्नी ----अब झाड़ू को देख नेता थर थर कांपते हैं।
है न कमाल। रैना"
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