Monday, September 30, 2013

धरती ओ आसमान है,
मां ही मेरा भगवान है। 
मैं अनपढ़ हूँ अज्ञानी,
इतना ही मुझे ज्ञान है। 
मां ही मेरा  …… 
दिखलाया उजाला मुझको,
प्रेम प्यार से पाला मुझको,
खिलाया निवाला मुझको, 
गिरने से सम्भाला मुझको,
कदम कदम पे रखा ध्यान है। 
मां ही मेरा  ……
भोली सी प्यारी सूरत है, 
मेरी मां देवी की मूरत है,
साथ मेरे मेरी बीवी बच्चे,
पर मां ही मेरी जरूरत है,
मां की बदौलत बनी पहचान है। 
मां ही मेरा  ……राजेन्द्र रैना गुमनाम"
सुप्रभात जी   …… जय जय मां  

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