Thursday, June 30, 2016

तेरी प्यारी सी सूरत दिखा दे,

ये मत कहना की वो कवि काबिल नहीं है,
सच ये किसी कवि गिरोह में शामिल नहीं है।रैना'

आजकल बड़े बड़े शायर कवि फेल हैं,
जिन्हे मस्का लगाना आये उनकी सेल है। रैना' 
बेशक ये शैतानों का दौर है लेकिन,
इन्सानों को ढूंढ रहे लोग दीया लेकर।रैना" 

Wednesday, June 29, 2016

अब चमन में नजारें नहीं मिलते,
रात चमके सितारें नहीं मिलते।
ये गिला है मुझे तू बता मौला,
क्यों हमें वो हमारे नहीं मिलते।
दोस्ती मतलबी सी हुई अब तो,
हाथ मिलते सहारे नहीं मिलते।
वक़्त बदले सभी रंग बदल जाते,
दूर रहते किनारे नहीं मिलते।
कौन देगा गवाही तेरी रैना"
सच के साथी प्यारें नहीं मिलते। रैना"

Tuesday, June 28, 2016

है गुजारिश मेरी माँ सुन ले जरा,
मुझको तेरे चरणों की भक्ति दे,
हरपल हर घड़ी तेरा ध्यान करू,
मेरी माँ मुझको ऐसी शक्ति दे। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय जय माँ 
दोस्तों के लिए कुछ ख़ास

तुझे मिलने की हसरत जवां है,
बता हमदम तू रहता कहां है।
हमें कुछ भी समझ में न आये,
कहे कोई यहां वो वहां है।
तेरे जलवें हसीं खूब लगते,
खिले फूलों में ख़ुश्बू रवां है।
मुझे एहसास होता यही अब,
मेरे दिल में तू रहता यहां है।
मजे शैतान करता यहां अब,
दुखी बेहाल अब तो इंसां है।
कटे जैसी कटो जिन्दगी अब,
बता रैना"दुखी क्यों हैरां है। रैना"

Monday, June 27, 2016

तुझे मिलने को दिल बेताब रहे,
तुम ऐसे सनम मिलते ही नहीं,
मेरे मन का चमन वीरान हुआ,
गुल उल्फ़त के अब खिलते नहीं। रैना"
इस मुश्किल से बाहर निकालो मेरी माँ,
टूट जाऊगा मुझको सम्भालो मेरी माँ,
माँ तेरे सिवा मेरा कोई और न सहारा है,
रैना"भक्त की लाज अब बचा लो मेरी माँ। रैना"  
सुन हमनवां दिल से जुदा करना नहीं,
है ये गुजारिश तू दगा करना नहीं।
तेरे बिना जीना बड़ा मुश्किल सनम,
हरगिज मुसाफिर को विदा करना नहीं।रैना"




Thursday, June 16, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
विनती करो स्वीकार एक बार एक बार,
तेरा करना दीदार एक बार एक बार।
बाहर आओ माँ मेरी पर्दे से,
करो सपना साकार एक बार एक बार।
मुद्द्त से नैना मेरे प्यासे हैं,
खत्म करो इन्तजार एक बार एक बार।
तेरे भक्त दीवानें मुश्किल में,
सुन ले करुणा पुकार एक बार एक बार।
वीरां गुलशन में बहार आये,
गर माँ मिले तेरा प्यार एक बार एक बार।
राहगीर जन्मों से भटक रहे,
कर दो माँ भव से पार एक बार एक बार।
रैना"को रहती है दिन तलब,
नैना कर लो माँ चार एक बार एक बार। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ


Tuesday, June 14, 2016

आंसू हुये मोती बहाया न करो,
हर बात को दिल पे लगाया न करो।
फ़ितरत हुई ऐसी नमक डाल सभी,
ये जख्म दिल के यूं दिखाया न करो।
गर ठान ले मन्जिल मिले शक न करें,
अपने मनोबल को गिराया न करो।
कर कर्म अपना है नसीबा भी यही,
यूं देख उसको दिल जलाया न करो।
हैं प्यार के भूखे कभी कुछ न कहे,
माँ बाप से नजरें चुराया न करो।
सब कुछ उसी का
रैना"

Monday, June 6, 2016

वैष्णो माँ की जय
माँ मेरी मुश्किल दूर करो,
अब और न मजबूर करो,
मुझे दे दो भक्ति चरणों की,
मेरी विनती माँ मंजूर करो। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 
दोस्तों देखना
तेरा शहर कुछ खास लगने लगा है,
जो दूर था वो पास लगने लगा है।
अब हो रहा एहसास कुछ बेहतर ही,
खुद पे हुआ विश्वास लगने लगा है।
अरमान दीवानें सजे कुछ अलग ही,
दिल में तेरा प्रवास लगने लगा है।
इन्सान की हालत हुई आज बदतर,
खुद का उड़ा उपहास लगने लगा है।
फिर दुष्ट बढ़ते जा रहे संत दुखी हैं,
हो राम को बनवास लगने लगा है।
रैना"मंजिल ऐसे न मिलती कभी भी,
करना पड़े प्रयास लगने लगा है। रैना"

Sunday, June 5, 2016

प्रेम से पढ़े
कहने को बेघर नहीं है,
वैसे उसका घर नहीं है।
बेशक सब वो ही करें है,
दिखता कोई कर नहीं है।
इन्सां ऐसा है न कोई,
जिसको उसका डर नहीं है।
भूखा रहता प्यार का ही,
 उसकी चाहत जर नहीं है।
वो ही उसको भूल जाता,
जिसको कल का डर नहीं है। रैना"

Saturday, June 4, 2016

वैष्णो माँ की जय
सफर जिंदगी का कटे माँ सहारे तेरे,
दास बने हम चरणों के माँ प्यारे तेरे,
मन में नाम की ज्योति जल जाये,
रैना"पे बरसे हरपल माँ नजारें तेरे। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ   
वैष्णो माँ की जय जय जय 
मेरी माँ ये करिश्मा तेरा है,
ये जो बदला नसीबा मेरा है,
हर ख़ुशी हुई हासिल मुझको,
रैना"के मन में तेरा ही डेरा है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 

Thursday, June 2, 2016


1
सारा शहर क्यों अब परेशां सा लगे,
देखो जिसे बेताब हैरां सा लगे।
गमगीन है इन्सां डरा सहमा हुआ,
जख्मी मुसाफिर आज बेजां सा लगे।
मत छेड़ आंसू आंख से बहने लगे,
दिल में दबा ये दर्द तूफां सा लगे।
है ये अजब तेरी अदा क्या खूब सी,
जिसको नहीं देखा कभी जां सा लगे।
देगा गवाही कौन अब सच पूछता,
अब झूठ रैना" बोलना आसां सा लगे। रैना"


हमने तुझे दिल में बसाया है,
तूने मगर हमको भुलाया है।
है सादगी तेरी कहर ढाये,
मुस्कान ने दिल को जलाया है।
दिन रात है इंतज़ार तेरा ही,
क्यों ख्वाब में आ के सताया है।
आबाद गुलशन हम करें लेकिन,
उस बागवां को ये सब न भाया है।
क्यों हंस रहे हैं लोग अब इतना,
उसने मुसाफिर को गिराया है।
फुरसत मिले तो सोचना ढंग से,
रैना"यहां किस काम आया है। रैना"

Wednesday, June 1, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी मुश्किल मइया हल कर दे,
तेरे चरणों के तो काबिल कर दे,
तन उजला मन मेरा काला माँ,
मुझे पाक पावित्र गंगाजल कर दे। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ

टूटे पत्ते को गौर से देखना,
नजर आ जायेगी औकात अपनी। रैना"

आइना तब कुछ गिला सा करता,
जब हमने कुछ बुरा किया होता। रैना"

इंसान अंधेरे में उजाला ढूंढ़ता,
लेकिन मन के अंदर झांकता नहीं। रैना"