Thursday, June 16, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
विनती करो स्वीकार एक बार एक बार,
तेरा करना दीदार एक बार एक बार।
बाहर आओ माँ मेरी पर्दे से,
करो सपना साकार एक बार एक बार।
मुद्द्त से नैना मेरे प्यासे हैं,
खत्म करो इन्तजार एक बार एक बार।
तेरे भक्त दीवानें मुश्किल में,
सुन ले करुणा पुकार एक बार एक बार।
वीरां गुलशन में बहार आये,
गर माँ मिले तेरा प्यार एक बार एक बार।
राहगीर जन्मों से भटक रहे,
कर दो माँ भव से पार एक बार एक बार।
रैना"को रहती है दिन तलब,
नैना कर लो माँ चार एक बार एक बार। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ


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