अब चमन में नजारें नहीं मिलते,
रात चमके सितारें नहीं मिलते।
ये गिला है मुझे तू बता मौला,
क्यों हमें वो हमारे नहीं मिलते।
दोस्ती मतलबी सी हुई अब तो,
हाथ मिलते सहारे नहीं मिलते।
वक़्त बदले सभी रंग बदल जाते,
दूर रहते किनारे नहीं मिलते।
कौन देगा गवाही तेरी रैना"
सच के साथी प्यारें नहीं मिलते। रैना"
रात चमके सितारें नहीं मिलते।
ये गिला है मुझे तू बता मौला,
क्यों हमें वो हमारे नहीं मिलते।
दोस्ती मतलबी सी हुई अब तो,
हाथ मिलते सहारे नहीं मिलते।
वक़्त बदले सभी रंग बदल जाते,
दूर रहते किनारे नहीं मिलते।
कौन देगा गवाही तेरी रैना"
सच के साथी प्यारें नहीं मिलते। रैना"
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