दोस्तों के लिए कुछ ख़ास
तुझे मिलने की हसरत जवां है,
बता हमदम तू रहता कहां है।
हमें कुछ भी समझ में न आये,
कहे कोई यहां वो वहां है।
तेरे जलवें हसीं खूब लगते,
खिले फूलों में ख़ुश्बू रवां है।
मुझे एहसास होता यही अब,
मेरे दिल में तू रहता यहां है।
मजे शैतान करता यहां अब,
दुखी बेहाल अब तो इंसां है।
कटे जैसी कटो जिन्दगी अब,
बता रैना"दुखी क्यों हैरां है। रैना"
तुझे मिलने की हसरत जवां है,
बता हमदम तू रहता कहां है।
हमें कुछ भी समझ में न आये,
कहे कोई यहां वो वहां है।
तेरे जलवें हसीं खूब लगते,
खिले फूलों में ख़ुश्बू रवां है।
मुझे एहसास होता यही अब,
मेरे दिल में तू रहता यहां है।
मजे शैतान करता यहां अब,
दुखी बेहाल अब तो इंसां है।
कटे जैसी कटो जिन्दगी अब,
बता रैना"दुखी क्यों हैरां है। रैना"
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