दिल के घर में ज़िकर होने लगा,
मुझको तेरा ही फ़िकर होने लगा,
दिल बेचैन बेकरारी का आलम,
रैना" यूं इश्क का असर होने लगा।रैना
रैना"तुझसे पूछना फ़क़त ये ही सवाल है,
तू बेवफा तेरी याद बावफा क्या कमाल है,
तू रहता था कभी साथ मेरे साया बन कर,
क्या मज़बूरी थी जो बदला तेरा ख्याल है। रैना"
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