उसने किया विशेष प्रबंध है,
हरपल आनन्द ही आनन्द है,
इसके तो हम आदी हो गए है,
बीवी से हर रोज होता द्वन्द है। रैना"
गैर तो उठ कर जाने लगे हैं,
अपने भी नजरें चुराने लगे है,
तुम तो जरा ठहर ही जाते,
खुदगर्ज जनाजा उठाने लगे है। रैना"
हरपल आनन्द ही आनन्द है,
इसके तो हम आदी हो गए है,
बीवी से हर रोज होता द्वन्द है। रैना"
गैर तो उठ कर जाने लगे हैं,
अपने भी नजरें चुराने लगे है,
तुम तो जरा ठहर ही जाते,
खुदगर्ज जनाजा उठाने लगे है। रैना"
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