तेरे शहर में आया अब ये कैसा दौर है,
किसी का न किसी पे चलता जोर है,
मतलब की भेंट चढ़ गया फर्ज का धर्म,
चेहरा खिला खिला मन में बैठा चोर है। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय मां
किसी का न किसी पे चलता जोर है,
मतलब की भेंट चढ़ गया फर्ज का धर्म,
चेहरा खिला खिला मन में बैठा चोर है। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय मां
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