Wednesday, December 17, 2014

bad muddat mujhe

आज बाद मुद्दत मुझे ख्याल आया,
मेरे कुछ दोस्त रहते हैं फेसबुक नामक शहर में। रैना"

खुदा हरगिज माफ़ नही करेगा उन्हें,
जिन्होंने मसल दिये गुल खिलने से पहले। रैना"

टूटा सपना आंख खुलने से पहले,
छूट गया है हाथ मिलने से पहले,
मत पूछो उन पे क्या गुजरी होगी,
मसले गये जो गुल खिलने से पहले। रैना"



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