जतन करले उससे दूरी न रहे,
वो आये ख्वाइश अधूरी न रहे।
खुद को इस कदर मसरूफ रखे,
शाम ढ़ले तो काम जरूरी न रहे।
जमीं पे कुछ तो काम किया जाये,
सिर्फ अख़बारों में मशहूरी न रहे।
गर रैना"उससे लग जाये लगन,
पास तेरे फिर मजबूरी न रहे। रैना"
वो आये ख्वाइश अधूरी न रहे।
खुद को इस कदर मसरूफ रखे,
शाम ढ़ले तो काम जरूरी न रहे।
जमीं पे कुछ तो काम किया जाये,
सिर्फ अख़बारों में मशहूरी न रहे।
गर रैना"उससे लग जाये लगन,
पास तेरे फिर मजबूरी न रहे। रैना"
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