उसकी मेहरबानी से खिले है गुल जैसे,
वैसे लोग तो मसलने को तैयार बैठे हैं। रैना"
साख सहमी हर गुल डरा डरा सा है,
बागवां बदल चूका है लिबास अपना। रैना"
मेरे वादों पे एतबार कर ले,
मैं नेता नही जो पलट जाउगा। रैना"
अफ़सोस मैं वोट किसको दूं,
हर कोई दाग़िल सा है,
चोर चोर मोसेरे भाई के जैसे। रैना"
वो तो कोई और थे आग बुझाने वाले,
अब बुझते शोलों को हर हाथ हवा देगा। रैना"
बहुत रोये वो हमसे बिछुड़ कर,
अफ़सोस रोये थोड़ी देर के लिए। रैना"
हम भी जीने का अंदाज बदल देते,
गर तुम मेरा हाथ पकड़ लेते। रैना"
वैसे लोग तो मसलने को तैयार बैठे हैं। रैना"
साख सहमी हर गुल डरा डरा सा है,
बागवां बदल चूका है लिबास अपना। रैना"
मेरे वादों पे एतबार कर ले,
मैं नेता नही जो पलट जाउगा। रैना"
अफ़सोस मैं वोट किसको दूं,
हर कोई दाग़िल सा है,
चोर चोर मोसेरे भाई के जैसे। रैना"
वो तो कोई और थे आग बुझाने वाले,
अब बुझते शोलों को हर हाथ हवा देगा। रैना"
बहुत रोये वो हमसे बिछुड़ कर,
अफ़सोस रोये थोड़ी देर के लिए। रैना"
हम भी जीने का अंदाज बदल देते,
गर तुम मेरा हाथ पकड़ लेते। रैना"
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