ये सितारा कब का खो चूका था वजूद अपना,
दोस्तों की रोशनी से फिर चमकने लगा है। रैना"
दिल के खण्डरों में अब कबूतरों ने घर बना लिए है। रैना"
गर्म पानी से छूट जाते है दाग सारे,
लेकिन आंसू दागे दिल मिटा न सके। रैना"
बड़े होने का मतलब ये हरगिज नही होता,
के हम भूल जाये औकात अपनी।रैना"
बदले यारों ने मिजाज ऐसे,
बदलते हैं गिरगट रंग जैसे,
खरीद लेता मैं प्यार अपना,
जेब में नही थे इतने पैसे। रैना"
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