Sunday, August 21, 2016

जो सोचा वो हो नही पाया,जो नही सोचा वो होता है,
हाथ में तेरे कुछ भी नही है,पागल दिल क्यों रोता है। 
खेल है किस्मत का सारा,मेहनत भी कम रास आती,
कोई टूटे सितारे गिनता है,और कोई चैन से सोता है। रैना"

Saturday, August 20, 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
करो किरपा माँ वैष्णो रानी,
तेरे चरणों में जिंदगी बितानी।
मेरे मन की वीणा बोले,
 माँ तेरी जय जयकार। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
देख लीजिए इक और ताजा उदाहरण आज,
ओलम्पिक में बेटियों ने रखी भारत की लाज। रैना" 

Friday, August 19, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
जो जय जय माँ वैष्णो बोलेगा,
वो मन के बन्द दरवाजें खोलेगा।
बोलो सच्चे दरबार की जय। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 

Thursday, August 18, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
कण कण बोले जन जन बोले,
तू भी प्यार से बोल,
वैष्णो माँ की जय जय जय। रैना"

Wednesday, August 17, 2016



रक्षाबन्धन  विशेष
बेअसर हो हर इक बददुआ,
भाई के लिये बहन मांगे दुआ।
महके गुलशन बहना तेरा,
भाई के मन की भी यही सदा।
बहन भाई का पवित्र रिश्ता,
मतलब न आये बीच में खुदा।
कायम रहे रिश्तों की गरिमा,
इक दूजे से हो न दिल से जुदा।
राखी के धागें प्यार का बंधन,
बहन भाई से बस मांगते वफ़ा।
बहन मेरी तू खुशियों में खेले,
करे "रैना"अपना फर्ज अदा।रैना"""
  
वैष्णो माँ की जय जय जय
जो माँ का प्यारा होता है,
उसका मस्त गुजारा होता है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 

दोस्तों देखना कुछ इस कदर इबादत की है

बहुत कम है देश का दर्द समझने वाले,
बहुत ज्यादा गिरगट रंग बदलने वाले।
सदन में बैठ किस कद्र फरेब करे नेता,
दिखाने को एक दूसरे पर भड़कने वाले।
इस शहर में सीरत की कोई कद्र नही है,
ज्यादातर सूरत पे जान छिड़कने वाले।
तू इन्सानी बूतों से फरियाद मत करना,
पत्थर दिल हरगिज नही पिघलने वाले।
आजकल उनके बच्चें मोहताज़ हो जाते,
जो ईमानदार सच की राह पे चलने वाले।
कैद पिंजरे में परिन्दा तड़फे भूखा प्यासा,
रैना"उसे क्या खिलायेगे ये भटकने वाले। रैना"
सम्पर्क ---94160 76914 

Tuesday, August 16, 2016

जीवन रहे अच्छा ऐसा कम ही होता है,
चैन की नींद तो किस्मत वाला सोता है,
ये तो इन्सान की अपनी फितरत होती,
कोई सरेआम कोई छुप छुप के रोता है। रैना "



दोस्तों आप के लिए खास

किस्मत का सारा खेल है कोई छोटा बड़ा नही,
वो चाहे तो सम्भव वरना कोई ऊंचा चढ़ा नही।
अपने साथ ले आता अपना सारा सामान भी,
वो बन जाये बड़ा विद्वान जिसने कुछ पढ़ा नही। 
मर्दों की ही चलती है ये सिर्फ कहने की बात है,
यूं ऐसा कोई शूरवीर नही जो बीवी से डरा नही।
इन्सान की हालत देख कर गिरगट परेशान है,
बात का धनी पक्का आजकल कोई खरा नही।
नफरत के झाड़ झंखाड़ अब यहां उगे तमाम है,
इस गुलशन में उल्फत का पौधा कोई हरा नही।
लूट कर खा गये सोने की चिड़िया भारत देश को,.
काले अंग्रेजों का कुआं पेट तो फिर भी भरा नही।
भारत माँ जब भी बुलायेगी हम दौड़ कर जायेगे,
देश के लिये मर मिटने को तैयार रैना"डरा नही। रैना"

Saturday, August 13, 2016


क्या इसे  आजादी कहते है ?
लोग भूखे मरे,
अनाज गोदामों में सड़े। रैना"

Friday, August 12, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
आदि शक्ति सरस्वती लक्ष्मी काली माँ तेरी जय जय कार।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

Thursday, August 11, 2016

हम इक सूची है बनाने वाले,
कितने लोग हमें चाहने वाले। 
सोच मत इसको तो भरना जरूर है,
इस मकां को खाली करना जरूर है।
इसलिये मेरे मन को भी सकून है,
चार कन्धों पे जो चढ़ना जरूर है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
आओ मिल;के लगाए जयकारा
जय माँ वैष्णो रानी जय माँ ---
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 

है नही अफ़सोस मैं बरबाद हो गया,
हर जुबां पे आजकल आबाद हो गया।
सिसकते अरमान आंसू बन के बह गये,
हादसा कुछ ही दिनों के बाद हो गया।
सोचता हूं बैठ कर आराम से कभी,
बेवफा पे क्यों भला दिलशाद हो गया।
हाल मेरा पूछते अनजान से बने,
जख्म जब है सूख कर बेराद हो गया।
दौर पैसे का चला बदहाल है शहर,
बज़्म में हर इक भला बेदाद हो गया।
 दिल परेशां रैन का इक ही सवाल है,
बेसुरा सा क्यों भला ये नाद हो गया। रैना"

जिंदगी का सफर न आसान दोस्तों,
हर तरफ है लड़ाई घमासान दोस्तों।
अपने बेगाने का कोई जिक्र ही नही,
बीच चौराहे पे बिकता ईमान दोस्तों।
शराफत खा गई बदले दौर की बिल्ली,
जो फिर भी शरीफ  बड़े नादान दोस्तों।
दीवारे कांच की दरवाजें न खिड़कियां,
बड़े लोगो के कुछ ऐसे मकान दोस्तों।
आज  के इंसान की हालत देख  रैना"
परेशान सा हो रहा है भगवान दोस्तों।  रैना"

Wednesday, August 10, 2016

 कभी उसके बारे में सोच तो सही,
जीवन में बहार आ जायेगी। रैना"

Sunday, August 7, 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
हमें है बहार की हसरत,
माँ तेरे प्यार की हसरत,
महके वीरान मेरा गुलशन,
माँ तेरे दीदार की हसरत। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 
बुरा न माने जी सच्चाई स्वीकार करे

मंगल हरत अमंगलकारी,
अधिकतर नेता भ्र्ष्टाचारी,
देश धर्म से दूर बहुत है,
कुर्सी की लगी महामारी।रैना"


याद उसको भी किया जाये 

Saturday, August 6, 2016

कोई घड़ी पल में कैसे संवर जायेगा,
जल्दी में हर हाल वो बिखर जायेगा। 
रात भर रोते रहे अरमान तेरा नाम ले ले कर,
वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो रानी जी करो उद्धार,बेड़ा पार,
 भक्तजन मुश्किल में,
अब करो न माँ तकरार,करो उपकार,
भक्तजन मुश्किल में। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

Friday, August 5, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
सुबह का नजारा ये शाम का नजारा,
माँ वैष्णो रानी ये सब कर्म है तुम्हारा।
रहमत की वर्षा करती भक्तों पे माता,
दौड़ी चली आती भक्तों ने जब भी पुकारा।
मुद्दत से अपना है वीरान सा गुलशन,
हमें भी तू माँ मेरी अब दे दे सहारा।
गम ने अपने घर में लगा रखा है डेरा,
परेशान जिंदगी हुआ मुश्किल गुजारा।
रैन"की विनती स्वीकार कर ले माता,
तेरा सिवा वैष्णो माता कोई न हमारा। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ

Thursday, August 4, 2016


दोस्तों आप के लिए

अब भला कैसे वफ़ादारी सिखाये उनको,
तोड़ देगे आइना गर जो दिखाये उनको।
दौड़ती नफरत रगों में ही रिवायत ऐसी,
पाठ उल्फत का भला कैसे पढ़ाये उनको।
जो समझ सकते नही बातें मुहब्बत वाली,
लात घूसें ही बराबर से जमाये उनको।
जब लगे मौक़ा गिरा परदा उठाये झट से,
चेहरा कैसा लगे उनका दिखाये उनको।
जो खुदा की भी हिदायत को नही माने तो,
रास्ता तो नरक का ही फिर दिखाये उनको।
शाम जल्दी ही ढलेगी तू जरा सम्भल जा,
रैन" होने को हुई कोई बताये उनको। रैना"  

Wednesday, August 3, 2016


वैष्णो माँ की जय 
माँ के दर आने वाले मन चाही मुरादें पाते हैं,
वो खाली हाथ जाते है झोली भर कर लाते हैं। रैना"
सुप्रभात जी ------- ----------जय जय माँ 

वैष्णो माता की जय
जिस पे हो माँ कर्म तेरा सहारा मिलता है,
उसको सुख चैन सदा किनारा मिलता है,
जिस पे तेरी किरपा नही भटके वीराने में,
माँ का भक़्त खुशहाल उसे नजारा मिलता है।रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ  

Tuesday, August 2, 2016

वफ़ा उनको रास नही आई,
ख़ुशी अपने पास नही आई।
यहां ऐसे लोग रहे जिनके,
कभी लब पे प्यास नही आई।
यही तो अफ़सोस रहा हम को, 
सजी संवरी आस नही आई।
परेशानी दुःख के सिवा यारों,
कमी कोई ख़ास नही आई।
यकीं हम पे कौन करेगा क्यों,
अदा हम को खास नही आई।
हमें रैना"बोझ लगे जीवन,
भली जिंदगी रास नही आई। रैना"

कुछ ख़ास मेरे और आप के लिये

बेताब दिल की कली खिलने के लिये,
ये मौज भटके बहुत मिलने के लिये। 
चाहत शमा की यही संग कोई जले,
अफ़सोस कोई न संग जलने के लिये।
अब शाम ढलने लगी यूं बेहाल सी,
तैयार हम ही नही चलने के लिये। 
अरमान होंगे जवां इतना है यकीं,
कुछ वक़्त तो लग सके पलने के लिये। 
क्यों लौट कर फिर चले खाली बिन मिले,
आये यहां हम उसे मिलने के लिये।
कब रास आते उसे चौबारे महल,
काफी उसे साफ़ मन रहने के लिये।
हम खूब रोये लगा सीने से उसे,
इक बार आये कभी मिलने के लिये।
रैना" गिला तो कभी करता ही नही,
तैयार वो जख्म को सिलने के लिये। रैना"


फिर तुझे मिल नही पाया,
जख्म को सिल नही पाया,
गुल खिजा का रहा हूं गा,
मैं कभी खिल नही पाया। रैना"