Friday, August 5, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
सुबह का नजारा ये शाम का नजारा,
माँ वैष्णो रानी ये सब कर्म है तुम्हारा।
रहमत की वर्षा करती भक्तों पे माता,
दौड़ी चली आती भक्तों ने जब भी पुकारा।
मुद्दत से अपना है वीरान सा गुलशन,
हमें भी तू माँ मेरी अब दे दे सहारा।
गम ने अपने घर में लगा रखा है डेरा,
परेशान जिंदगी हुआ मुश्किल गुजारा।
रैन"की विनती स्वीकार कर ले माता,
तेरा सिवा वैष्णो माता कोई न हमारा। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ

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