दपिन्द्र हुड्डा क्या कहने तेरे अंदाज हैं निराले,
हरियाणा में हर तरफ तूने बिखेर दिये उजाले।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
वाह दपिन्द्र तूने क्या खूब कर दिखाया,
हरियाणा के नाम को तारे सा चमकाया,
तुम सच्चे सेवक सेवा ही कर्म तुम्हारा,
बेसहारा मजलूमों को गले से लगाया। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
दिलदार ही दिल के हाथों मजबूर नही होते,
बहुत कम लोग सत्ता के नशे में चूर नही होते,
सादगी से जीना दिल के हाथों मजबूर नही है,
सांसद दपिन्द्र हुड्डा सत्ता के नशे में चूर नही है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
चाहे तुम रिश्ते को कोई नाम न दो,
तुम दोस्त हो मेरे दिल में रहते हो। रैना"
अल्फाज पिरोने का अंदाज मत देखिये,
ये सोचिये तो अल्फाज कहते क्या हैं।रैना"