सपनों में नहाना अच्छी बात है,
मगर दो दिन बाद तन से दुर्गन्ध आएगी। रैना"
आज कल हम अक्ल से काम लेते है,
सब उसने करना उसका नाम लेते है।रैना"
बंजर हो गई दिल की धरती,
अब तो बारिस भी आग लगाती है। रैना"
मगर दो दिन बाद तन से दुर्गन्ध आएगी। रैना"
आज कल हम अक्ल से काम लेते है,
सब उसने करना उसका नाम लेते है।रैना"
बंजर हो गई दिल की धरती,
अब तो बारिस भी आग लगाती है। रैना"
No comments:
Post a Comment