जिंदगी का सफ़र न आसान दोस्तों,
हर तरफ है लड़ाई घमासान दोस्तों।
अपने बेगानों का कोई जिकर न कर,
बीच चौराहे में बिकता ईमान दोस्तों।
शराफत खा गई बदले दौर की बिल्ली,
जो फिर भी शरीफ वो बड़े नादान दोस्तों।
लोकतंत्र की रक्षा करने वालो ने देखिए,
खरीद लिए अपने ही पहलवान दोस्तों।
दीवारें कांच की दरवाजे ये खिड़किया,
शहर में जितने भी ऊंचे मकान दोस्तों।
चुनाव आये बेचने लगे झूठे वादे भाषण,
नेता अब हो गये मोबाईल दुकान दोस्तों।
रैना" डूबा सोच में कैसे बच्चों का पेट भरे,
महंगाई ने तोड़ दिया हर अरमान दोस्तों। रैना"
हर तरफ है लड़ाई घमासान दोस्तों।
अपने बेगानों का कोई जिकर न कर,
बीच चौराहे में बिकता ईमान दोस्तों।
शराफत खा गई बदले दौर की बिल्ली,
जो फिर भी शरीफ वो बड़े नादान दोस्तों।
लोकतंत्र की रक्षा करने वालो ने देखिए,
खरीद लिए अपने ही पहलवान दोस्तों।
दीवारें कांच की दरवाजे ये खिड़किया,
शहर में जितने भी ऊंचे मकान दोस्तों।
चुनाव आये बेचने लगे झूठे वादे भाषण,
नेता अब हो गये मोबाईल दुकान दोस्तों।
रैना" डूबा सोच में कैसे बच्चों का पेट भरे,
महंगाई ने तोड़ दिया हर अरमान दोस्तों। रैना"
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