Friday, January 31, 2014

duaa dya dwa ka

दुआ दवा दया का असर देखिये,
इन के दम से जीता बशर देखिये।
हमारे पास देने को कुछ भी नही,
बांट रहा छाया बूढ़ा शज़र देखिये।
उसकी रहमत का सदका कम नही,
इंसान को फिर भी न सबर देखिये। 
इक्कसवीं सदी अब जवानों की हुई,
बूढ़ों की न होती अब कदर देखिये।
सिर चढ़ के बोले सिक्को की खनक,
हर किसी की बहकी हुई नजर देखिये।
रैना"को उससे गिला शिकवा ही नही,
चाहे जिस हाल में रखे जादूगर देखिये। रैना"    

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