आंखों में तैरते हसीन सपने,
अश्कों कि बाढ़ में बह निकले। रैना"
बरबाद मोहब्बत के किस्से लोगों कि जुबानों पे,
जो सहने बड़ा मुश्किल वो तीर चढ़े हैं कमानों पे। रैना"
वो हमसे इस कदर खफा था यारों,
मेरी अर्थी में भी शामिल न हुआ। रैना"
मैं दर-ब -दर भटक रहा था जिसकी तलाश में,
मुझे अब अहसास हुआ वो मेरे दिल में रहता है। रैना"
अश्कों कि बाढ़ में बह निकले। रैना"
बरबाद मोहब्बत के किस्से लोगों कि जुबानों पे,
जो सहने बड़ा मुश्किल वो तीर चढ़े हैं कमानों पे। रैना"
वो हमसे इस कदर खफा था यारों,
मेरी अर्थी में भी शामिल न हुआ। रैना"
मैं दर-ब -दर भटक रहा था जिसकी तलाश में,
मुझे अब अहसास हुआ वो मेरे दिल में रहता है। रैना"
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