Thursday, June 24, 2010

इश्क का बीमार

दिल जिस का इश्क का बीमार हो गया,


वो शख्स इस दुनिया में बेकार हो गया.

इक ही शै बची थी खरीदो- फरोख्त से,

मगर इश्क भी आजकल व्यापार हो गया.

वो खाक रखे गा दीन दुनिया की खबर,

जिसे तन्हाई से बेइन्तहा प्यार हो गया.

दो दिलों ने जब भी है मिलना चाहा,

जमाना तो बीच में दीवार हो गया.

कोई तो घुमे है गर्दो -गुबार में,

कोई इश्क में गुले-गुलजार हो गया.

"रैना" औरों को देता रहा नसीहते,

खुद किसी के इश्क में गिरफ्तार हो गया.

राजिंदर"रैना"

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