Saturday, May 31, 2014

har naunnksh ko

हर नैन नक्श को इत्मीनान से सजाया होगा,
लगता तुम्हे खुदा ने फुरसत में बनाया होगा,
बेशक इस बुत को तैयार करने के बाद "रैना"
बनाने वाला खुद पे बहुत ही इतराया होगा। रैना" 

Wednesday, May 28, 2014

maa ki lgi hai lgn

मां के कदमों में बैठा हूं,
विश्वास है ??????
कोई बला मुझे छू नही सकती। रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय मां 

dund rhe hai ham jinhe

ढूंढ रहे है हम जिन्हे वाल पर,
वो मैसज बॉक्स में छुपे बैठे है। रैना"

 दिल के इक कोने में अब भी उठता है धुँआ,
वैसे मुद्दत हो गई है चिराग बुझे हुए। रैना" 

Tuesday, May 27, 2014

teri kya mjal

तेरी क्या मजाल जो तू तोड़ता दिल मेरा,
उसकी मर्जी है जो ये हादसा हो गया। रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय मां 

mat ghbra pahado ko dekh kar

मत घबरा पहाड़ों को देख कर,
इंसान जब ठान लेता रास्ते खुद बन जाते है। रैना"

मरने की बात नही करते,
जिंदगी चार दिन की जीने के लिये। रैना"

चाहे खाली मकान छोड़ जा,
उसमें कोई निशान छोड़ जा। रैना"

जब सब का घर एक है,
फिर कौन बड़ा छोटा। रैना"

हमारा दिल जल रहा था,
और वो सुखा रहे थे कपड़े। रैना"

उनके गेसुओं का खंभ न निकला,
अपना दम निकल गया। रैना"

हम पिरोते रह गए लफ्जों की माला,
ख़िताब तो चोरी करने वाले ले गये। रैना"

हम देखा करते थे जिन्हे ख्वाबों में,
वो रूबरू हुए अफ़सोस किसी गैर के साथ। रैना"

अंदाजे बयां कुछ निराले है,
ये शेर नही दिल के छाले है। रैना"

खुद को ज्यादा दुसरो को कम तोलने वाले,
अक्सर जीते जी मर जाते झूठ बोलने वाले। रैना"

यही अन्दाज है अपना,
हर अल्फाज महका देते है। रैना"

 मैं लिखता नही करता हूं इबादत,
इबादत में गुस्ताखी नही होती। रैना" 

Monday, May 26, 2014

maa ki kirpa

इस दुनिया में कुछ भी न असम्भव है,
लेकिन मां की कृपा से सब सम्भव है।रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय मां 

kante hai raho

मोदी जी से खास गुजारिश
कांटें बहुत हैं रास्ते में सम्भल के जाना होगा,
हर बाधा को सोच समझ जड़ से मिटाना होगा।
काले अंग्रेज तो डूबा देंगे भारत देश की लुटिया,
मोदी जी तुम्हे काले अंग्रेजों से देश बचाना होगा,
तुम अरमान हो हर युवा भारतवासी के मन का,
निसंदेह तुम्हे अरमान पूरा करके दिखाना होगा।
रैना" की जान हाजिर है जब पुकारोगे चले आयेगे, 
भारत की शान तिरंगे को अर्श पर फहराना होगा।  रैना" 

 अब दूरी कोई मायने नही रखती,
चंद घंटों में समुन्द्र पार की सैर हो जाती। रैना"

जब दिल में घर बना लिया तूने,
फिर उसमें रहते क्यों नही,
हमारी मुश्किल किराये पर भी नही दे सकते। रैना" 

तेरे सिवा कोई नही मेरे साथ चलने वाला,
क्योकि मेरी जेब खाली हो गई है। रैना" 

dard dil me ajib


कोई हरपल दिल के करीब होता,
फिर भी दर्द दिल में अजीब होता।
पास रह के दूर थे फिर भी मिलते,
गर मैं न इतना बदनसीब होता। रैना"  

Sunday, May 25, 2014

tum jab hme

देखना दोस्स्तों कैसी है ???
रचना

जब हमें देख कर मुस्कराते हो,
जख्मे दिल को मरहम लगाते हो।
शमा से शिकवा है परवाने को,
बेदर्दी से मेरी हस्ती मिटाते हो।
हमराज बन गये जब हम दोनों,
फिर राजे दिल को क्यों छुपाते हो।
तुम बाहर आ जाओ चिलमन से,
हम से इस कद्र क्यों शरमाते हो।
पहले अदा से मिला कर नजरें,
अब तुम नजरें क्यों चुराते हो।
जब रहा ही न वास्ता तेरा मेरा,
फिर रात सपनों में क्यों आते हो।
रैना"की सोच दिन तो गुजर जाये,
खुद ही खुद को क्यों मिटाते हो। रैना"



सब अच्छा है ??????
लेकिन दिल का हाल नही अच्छा,
धड़कन तेज सी रहती है। रैना"

यहां न वहां होता है,
किसी को पता नही,
दर्दे इश्क कहां होता है। रैना"

समझ न पाया कोई ?????
इश्क की परिभाषा,
फिर भी सारे लव लव यू कहते है।रैना" 

Thursday, May 22, 2014

dil me uthhta dard

दिल में उठे दर्द हल्का हल्का,
चेहरा हुआ जर्द हल्का हल्का।
गुजरे पल याद आने लगे है,
मौसम हुआ सर्द हल्का हल्का।रैना"

आज का युवा गीदड़ो को पसंद नही करता,
शेर के साथ जीने मरने को तैयार हरपल। रैना"   


इन चुनावों में जनता ने ??????
चम्मचों को उनकी औकात बता दी। रैना"

Tuesday, May 20, 2014

hasrat hai

 दोस्तों काफी दिनों बाद आप की नजर 

 इतना मुस्कराया नही करते,
 यूं गम को छुपाया नही करते।
 राज दो में ही रहता कायम,
 तीसरे को बताया नही करते।    
 दिल हसीं नाजुक फूल होता, 
 यूं दिल को जलाया नही करते। 
 गमगीन जिंदगी नासूर जैसी,
 गम दिल से लगाया नही करते। 
सूफी"रैना"ने सीख लिया जीना,
कभी बुतों को ठुकराया नही करते। रैना" 
    

Monday, May 12, 2014

mujhe gam to hai tu

मां की मेहरबानी जो रोशन जहान देखा,
वरना कहीं अन्धेरे में भटक रहे होते। रैना"

मां ने हंस कर बात टाल दी,???????????
जब मैने उसके हिस्से की खा ली रोटी सारी। रैना"

Friday, May 9, 2014

wqt ke mutabik mai badlta chla gya

वक़्त के मुताबिक मैं बदलता चला गया,
अब हालात ऐसे के सबकुछ बदल गया। रैना"

सफर में वो मेरे साथ है,
लोगों ने तो जीना हराम कर रखा है। रैना"

Tuesday, May 6, 2014

mai tum se dur ho kar

बुझे शोलों को क्यों हवा देता,
मरने वालो को क्यों दुआ देता। 
वक्त के साथ बदल जाते सारे,
रैना"को लखते जिगर दगा देता। रैना"
लख्ते जिगर=जिगर का टुकड़ा  

मैं किताब हूं बहुत पढ़ लिया आप ने,
अब कुछ दिन लबरेरी बन्द रहेगी। रैना"

   

tujhse dil lgane ki

चलते चलते दोस्तो के लिये खास पेशकश

उल्फ़त की शमा जलाने की सोचते,
हम तुझसे नैना मिलाने की सोचते।
बहरे इश्क में डूबने की मेरी हसरत,
नई दास्तां ऐ इश्क बनाने की सोचते।
आतिशे इश्क में तप कर सुर्खरू होना,
घर जला कर खुद को तपाने की सोचते।
इक बार मेरे दिल पे अपना हाथ रख दो,
मुझको हरपल क्यों रुलाने क़ी सोंचते।
चांदनी रात में रैना" को सकूँ न मिला,
जलते दिल को कैसे हंसाने की सोचते। रैना"
बहरे इश्क =इश्क का दरिया
आतिशे इश्क =इश्क की आग     

Monday, May 5, 2014

tbhi insano ke mijaj andaj bdle hai

तभी इंसानो के मिजाज अंदाज बदले है,
लगता जंगल का स्टोक इधर भेज रहा है। रैना"

हम ये बात आप को अफ़सोस के साथ बता रहे है,
हम 15  दिन के लिए फेस बुक छोड़ के जा रहें है। रैना"
अलविदा रात के बाद -----जै जै माआआआआआआ

उल्टा लटका चमगादड़ याद कराता मुझे अतीत मेरा,
मैं नासमझ को फ़िर भी कुछ समझ नहीं आती। रैना"  

kabu me apne

मेरे युवा दोस्तों के लिये

काबू में अपने जजबात रखना,
बाबुनियाद अपनी बात रखना,
सितारा बन के तभी चमकेगा,
अर्श से ऊंचे ख्यालात रखना। रैना"

इसे समझदारी कहे????
मतलब या मजबूरी,
मरना भी अब चार दिन का कर दिया। रैना"

क्यों डरते हो लोगों की बातों से,
लोग तो साइज से भी ज्यादा मूँह खोलते है। रैना" 

मंजिल की तलब रखना,
रास्ता बन ही जायेगा। रैना" 
लफ्जों के दीवाने जो कलम के पुजारी है,
उनकी महफ़िल में हम हाज़री लगा लेते है।रैना" 

Sunday, May 4, 2014

burhe neta huae jwan

जब भी हम देखते आइना,
खुद ही खुद से शरमा जाते,
गहरी सोचों में जब डूब जाये
तुम फिर याद मुझे आ जाते।
बेवजह का भरम तो मेरा है,
फ़क़त रहमो कर्म तो तेरा है,
झट छा जाती काली बदली,
जब ये गेसू मेरे लहरा जाते।रैना"        

Saturday, May 3, 2014

chal jra sambhl ke

जरा संभल के चल रास्ता मुश्किल है,
कहीं बहक न जाये नादान ये दिल है।
मिल जाते हैं बहुत दिलाशा देने वाले,
देखना हमने कौन भरोसे के काबिल है।
पीठ में घोंपे खंजर इंसान की फितरत,
छोड़ी इंसानी रंगत हो चला जाहिल है।
नदी की तेज धारा बड़ी कमजोर कश्ती,
डूब जायेगे"रैना"बहुत ही दूर साहिल है। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय मां

दोस्तों मैं अपने साथी बूढ़ो की शान में एक कव्वाली लिख रहा हूं।
मुखड़ा पेश कर रहा हूं आप की तव्वजो और  दोस्तोँ की इज़ाजत चाहूगा।

मौसम का असर हुआ ऐसा ओऐहोऐ बूढ़े भी जवान हो गये,
लड़कियों की तदाद पहले ही कम है परेशाँ नौजवान हो गये।रैना"

gami se khushi churai maune

 दोस्तों मेरे मन की बात

गम से ख़ुशी चुराई मैने,
हिम्मत ऐसी दिखाई मैने।
प्रेम के आगे झुकी नफरत,
शमा उल्फ़त की जलाई मैने।
मेरी मां हर रोज दुआ देती,
बीच की दीवार गिराई मैने।
आशीर्वाद उसने दिया मुझे,
रोती बच्ची चुप कराई मैने।
खुद को असूलों से बांध रख़ा ,
नीयत कभी न डिगाई मैने।
उनको कभी बहकने न दिया,
अरमां की बस्ती बसाई मैने।
जी जी कर काटते हैं हरपल,
वैसे मौत न कभी भुलाई मैने।
मां मेरी दौड़ी चली आती है,
"रैना"जब आवाज लगाई मैने।रैना"

हम चिराग तो हैं????
मगर????
रोशनी हमें नसीब नही। रैना"

खुद को ही दिखाते रहते जख्म अपने,
और तो जख्मो पर नमक छिड़कते। रैना"

मैं दर्दे दिल को लफ्जों का जामा पहनाता,
मेरे दोस्त वाह वाह करने लगते। रैना"

अब नौजवानों को नसीहत देना छोडे,
बूढ़ों को समझाये ??????????
भारतीय संस्कृति का जनाजा न निकाले।रैना"
  
  
   
मैंने हरपल जीना सीखा,
गम को हंस कर पीना सीखा,
उसका सबकुछ उसको देकर,
खुद ही खुद में रहना सीखा। रैना"

दोस्तों के लिए
जिक्र मत कर मौत का,जिंदग़ी की बात कर,
रख ख़ुशी से वास्ता,प्यार की बरसात कर,
नाम की महफ़िल जमे,जाम पी ले राम का,
फ़िक्र चिंता किसलिये,रात को शुभरात कर। रैना" 


    

abhi bulave ka paigam

अभी बुलावे का पैगाम मत भेजना,
सामान काफी बिखरा पड़ा है। रैना" 

लगता तेरे यहां भी चलती रिश्वत,
तभी मिट्टी मिट्टी में बहुत फर्क है,
कोई गुलाब के फूल से भी बेहतर,
और किसी बेचारी का बेड़ा ही गर्क है।रैना"

mere spnosebhi ab wasta rkhna chhod ne

तुम बेवफा हो ही नही सकते,
ये खबर हैं समस्त जमाने को,
फिर भी इंसान तुझे ठहराता दोषी
अक्सर अपना दोष छुपाने को।रैना"
जय जय जय होओओओओ


जिस दिन गम की बदली छायेगी,
उस दिन तुझको मेरी याद आयेगी।
काट काट खायेगी बावफा तन्हाई,
मुश्किल में जान फ़िर घबराये गी। रैना" 


तेरी इतनी दहशत क्या कम है ,
तुझे देख नही फ़िर भी डरता हूं।रैना"

मां की किरपा से महक रहा गुलशन,
वैसे तो हवा बहुत ही गर्म चल रही है। रैना" 

Thursday, May 1, 2014

naujwano ke liye


खुद फ़जीहत हो गये नसीहत देने वाले,
मेरे शहर में ऐसे लोगों को नेता कहते है। रैना"

मुसाफिर रास्ते से भटक गया,
मंजिल किधर है उसे खबर नही। रैना" 

कड़वी सच्चाई

खिताब की चाह मत रखना,
क्योकि????????? 
ख़िताब तो आजकल चम्मचों को मिलते है ,
बाहुनर को खिताब मुश्किल से मिलता है।रैना"

अफ़सोस रेलवे स्टेशन पर हुआ बम धमाका,
मगर दिग्विजय का धमाका इस से कम नही। रैना"