मेरे युवा दोस्तों के लिये
काबू में अपने जजबात रखना,
बाबुनियाद अपनी बात रखना,
सितारा बन के तभी चमकेगा,
अर्श से ऊंचे ख्यालात रखना। रैना"
इसे समझदारी कहे????
मतलब या मजबूरी,
मरना भी अब चार दिन का कर दिया। रैना"
क्यों डरते हो लोगों की बातों से,
लोग तो साइज से भी ज्यादा मूँह खोलते है। रैना"
मंजिल की तलब रखना,
रास्ता बन ही जायेगा। रैना"
काबू में अपने जजबात रखना,
बाबुनियाद अपनी बात रखना,
सितारा बन के तभी चमकेगा,
अर्श से ऊंचे ख्यालात रखना। रैना"
इसे समझदारी कहे????
मतलब या मजबूरी,
मरना भी अब चार दिन का कर दिया। रैना"
क्यों डरते हो लोगों की बातों से,
लोग तो साइज से भी ज्यादा मूँह खोलते है। रैना"
मंजिल की तलब रखना,
रास्ता बन ही जायेगा। रैना"
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