Monday, May 5, 2014

tbhi insano ke mijaj andaj bdle hai

तभी इंसानो के मिजाज अंदाज बदले है,
लगता जंगल का स्टोक इधर भेज रहा है। रैना"

हम ये बात आप को अफ़सोस के साथ बता रहे है,
हम 15  दिन के लिए फेस बुक छोड़ के जा रहें है। रैना"
अलविदा रात के बाद -----जै जै माआआआआआआ

उल्टा लटका चमगादड़ याद कराता मुझे अतीत मेरा,
मैं नासमझ को फ़िर भी कुछ समझ नहीं आती। रैना"  

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