दोस्तों मेरे मन की बात
गम से ख़ुशी चुराई मैने,
हिम्मत ऐसी दिखाई मैने।
प्रेम के आगे झुकी नफरत,
शमा उल्फ़त की जलाई मैने।
मेरी मां हर रोज दुआ देती,
बीच की दीवार गिराई मैने।
आशीर्वाद उसने दिया मुझे,
रोती बच्ची चुप कराई मैने।
खुद को असूलों से बांध रख़ा ,
नीयत कभी न डिगाई मैने।
उनको कभी बहकने न दिया,
अरमां की बस्ती बसाई मैने।
जी जी कर काटते हैं हरपल,
वैसे मौत न कभी भुलाई मैने।
मां मेरी दौड़ी चली आती है,
"रैना"जब आवाज लगाई मैने।रैना"
हम चिराग तो हैं????
मगर????
रोशनी हमें नसीब नही। रैना"
खुद को ही दिखाते रहते जख्म अपने,
और तो जख्मो पर नमक छिड़कते। रैना"
मैं दर्दे दिल को लफ्जों का जामा पहनाता,
मेरे दोस्त वाह वाह करने लगते। रैना"
अब नौजवानों को नसीहत देना छोडे,
बूढ़ों को समझाये ??????????
भारतीय संस्कृति का जनाजा न निकाले।रैना"
गम से ख़ुशी चुराई मैने,
हिम्मत ऐसी दिखाई मैने।
प्रेम के आगे झुकी नफरत,
शमा उल्फ़त की जलाई मैने।
मेरी मां हर रोज दुआ देती,
बीच की दीवार गिराई मैने।
आशीर्वाद उसने दिया मुझे,
रोती बच्ची चुप कराई मैने।
खुद को असूलों से बांध रख़ा ,
नीयत कभी न डिगाई मैने।
उनको कभी बहकने न दिया,
अरमां की बस्ती बसाई मैने।
जी जी कर काटते हैं हरपल,
वैसे मौत न कभी भुलाई मैने।
मां मेरी दौड़ी चली आती है,
"रैना"जब आवाज लगाई मैने।रैना"
हम चिराग तो हैं????
मगर????
रोशनी हमें नसीब नही। रैना"
खुद को ही दिखाते रहते जख्म अपने,
और तो जख्मो पर नमक छिड़कते। रैना"
मैं दर्दे दिल को लफ्जों का जामा पहनाता,
मेरे दोस्त वाह वाह करने लगते। रैना"
अब नौजवानों को नसीहत देना छोडे,
बूढ़ों को समझाये ??????????
भारतीय संस्कृति का जनाजा न निकाले।रैना"
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