Tuesday, May 6, 2014

tujhse dil lgane ki

चलते चलते दोस्तो के लिये खास पेशकश

उल्फ़त की शमा जलाने की सोचते,
हम तुझसे नैना मिलाने की सोचते।
बहरे इश्क में डूबने की मेरी हसरत,
नई दास्तां ऐ इश्क बनाने की सोचते।
आतिशे इश्क में तप कर सुर्खरू होना,
घर जला कर खुद को तपाने की सोचते।
इक बार मेरे दिल पे अपना हाथ रख दो,
मुझको हरपल क्यों रुलाने क़ी सोंचते।
चांदनी रात में रैना" को सकूँ न मिला,
जलते दिल को कैसे हंसाने की सोचते। रैना"
बहरे इश्क =इश्क का दरिया
आतिशे इश्क =इश्क की आग     

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