अभी बुलावे का पैगाम मत भेजना,
सामान काफी बिखरा पड़ा है। रैना"
लगता तेरे यहां भी चलती रिश्वत,
तभी मिट्टी मिट्टी में बहुत फर्क है,
कोई गुलाब के फूल से भी बेहतर,
और किसी बेचारी का बेड़ा ही गर्क है।रैना"
सामान काफी बिखरा पड़ा है। रैना"
लगता तेरे यहां भी चलती रिश्वत,
तभी मिट्टी मिट्टी में बहुत फर्क है,
कोई गुलाब के फूल से भी बेहतर,
और किसी बेचारी का बेड़ा ही गर्क है।रैना"
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