Sunday, May 25, 2014

tum jab hme

देखना दोस्स्तों कैसी है ???
रचना

जब हमें देख कर मुस्कराते हो,
जख्मे दिल को मरहम लगाते हो।
शमा से शिकवा है परवाने को,
बेदर्दी से मेरी हस्ती मिटाते हो।
हमराज बन गये जब हम दोनों,
फिर राजे दिल को क्यों छुपाते हो।
तुम बाहर आ जाओ चिलमन से,
हम से इस कद्र क्यों शरमाते हो।
पहले अदा से मिला कर नजरें,
अब तुम नजरें क्यों चुराते हो।
जब रहा ही न वास्ता तेरा मेरा,
फिर रात सपनों में क्यों आते हो।
रैना"की सोच दिन तो गुजर जाये,
खुद ही खुद को क्यों मिटाते हो। रैना"



सब अच्छा है ??????
लेकिन दिल का हाल नही अच्छा,
धड़कन तेज सी रहती है। रैना"

यहां न वहां होता है,
किसी को पता नही,
दर्दे इश्क कहां होता है। रैना"

समझ न पाया कोई ?????
इश्क की परिभाषा,
फिर भी सारे लव लव यू कहते है।रैना" 

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