जब मुख खोले जय जय माँ बोले ऐसा ही वरदान दे,
सच को जाने खुद को पहचाने भक्ति का हमे दान दे।रैना"
लिखने में गुजारी मैंने उम्र तमाम,
फिर भी लिख नही पाया तिरा नाम। रैना"
लफ्जों का दरिया न जाने कहां से आता है,
मैं लिखता ही नही कोई मुझसे लिखवाता है।
सच को जाने खुद को पहचाने भक्ति का हमे दान दे।रैना"
लिखने में गुजारी मैंने उम्र तमाम,
फिर भी लिख नही पाया तिरा नाम। रैना"
लफ्जों का दरिया न जाने कहां से आता है,
मैं लिखता ही नही कोई मुझसे लिखवाता है।
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