किसी दोस्त के कहने पर लिखा है,
नम्बर आप ने देने है
हर अदा सबसे जुदा लगे है,
तू फकीरों की दुआ लगे है।
बज्म में चर्चे फकत तिरे है,
तू फ़िजा महकी हवा लगे है। रैना"
नर ने शर्म उतारी क्यों है,
इतनी बदली नारी क्यों है।
तन्हा बैठ के सोच ले रैना"
इतनी चढ़ी उधारी क्यों है,
नम्बर आप ने देने है
हर अदा सबसे जुदा लगे है,
तू फकीरों की दुआ लगे है।
बज्म में चर्चे फकत तिरे है,
तू फ़िजा महकी हवा लगे है। रैना"
नर ने शर्म उतारी क्यों है,
इतनी बदली नारी क्यों है।
तन्हा बैठ के सोच ले रैना"
इतनी चढ़ी उधारी क्यों है,
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