Saturday, February 28, 2015

होली से पूर्व ही बधाई के साथ प्यारी सी रचना

रंगों का त्यौहार होली,
बरसाये है प्यार होली।
महक उठे मन उपवन,
मस्त बसंत बहार होली।
क्यों इतनी करता देरी,
देख मैं तो तैयार हो ली।
मुझ पे तेरा रंग चढ़ा है,
मैं तेरी तलबगार होली।
भगवन ऐसे ख़ुशी देना,
खूब खेले नर नार होली।"रैना"

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