साथ रहते फिर बोलते क्यों नही,
क्या खफा हो लव खोलते क्यों नही। रैना"
गजब तस्वीर तो यह कहती है,
जिंदगी अक्सर सफर पे रहती है,
चल मुसाफिर पुकार रही,मंजिल,
धारा अपने अन्दाज में बहती है। रैना"
क्या खफा हो लव खोलते क्यों नही। रैना"
गजब तस्वीर तो यह कहती है,
जिंदगी अक्सर सफर पे रहती है,
चल मुसाफिर पुकार रही,मंजिल,
धारा अपने अन्दाज में बहती है। रैना"
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