Sunday, July 31, 2016

वैष्णो रानी की जय जय जय जय 
अम्बे रानी की बोलो जय जय माँ,
वैष्णो रानी की बोलो जय जय माँ,
खुले मन के द्ववारे,मिट जाए दुःख सारे,
टूटी जीवन की नैया लग जाएगी किनारे। 
बोलो मिल के सारे जय जय माँ माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ 
मिला खाना हमें कम सा बहाना ये बनाते ना,
रजा में यार की रहना कभी अपनी चलाते ना,
वफ़ा आबाद मन में है जहां खाना वही रहना,
भले इन्सान से कुत्ते कभी आंखें दिखाते ना। रैना"


खुली आंखें लगे बंद सी हुआ खाली मकां सारा,
नही फुरसत किसी को भी शहर लगता रवां सारा,
बहुत बेताब उड़ने को पंछी अब तोड़ कर पिंजरा,
सभी इस दौर से गुजरे दुःखी सा है जहाँ सारा। रैना"
सुप्रभात जी --------- ------------जय जय माँ 
चाँद ने रात भर ही सोने न दिया,
दर्द होता रहा पर रोने न दिया।
चांदनी से गिला इस बावात रहा,
दाग दिल का हमें क्यों धोने न दिया।
वक़्त की है खता गम आबाद हुये,
चाह रोती रही खुश होने न दिया।
पार लगता सफ़ीना हर हाल सही,
जोश में होश जिसने खोने न दिया।
तोड़ लेते सितारें है सोच यही,
पर उसी ने उंचा सा होने न दिया। 
इश्क के बाग़ में हो तैयार वफ़ा,
बीज रैना" किसी ने बोने न दिया। रैना"

Saturday, July 30, 2016

वैष्णो माँ की जय
मन के वीरां गुलशन को महका मेरी माँ,
तरसे आंखें जलवा कोई दिखला मेरी माँ,
मतलब की दुनिया में दिल लगता नही,
दिल का शीशा टूटा मत तड़फा मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ 
दिल नही लगता अब यहां तेरा शहर सियासत का अड्डा,
और तो सब कुछ ठीक रहा बुरा बना है नफरत का अड्डा।
यार हैं मतलब के सारे गिरगट के जैसे ही रंग बदल जाते,
इस बस्ती में भेड़िये रहते यूं कहने को शराफत का अड्डा। रैना"   

Friday, July 29, 2016

अब तो बच्चें माँ बाप से दूरी बनाते है,
जीते जी दो घूंट पानी भी न पिलाते है,
बुजुर्गों के मरने के बाद आंसू बहाते हैं,
उनकी याद में वाटर कूलर लगवाते है। रैना"

Thursday, July 28, 2016

कभी तन्हा बैठ कर गुजरे पलों का हिसाब लगाते है,
खुद को उदास ही पाते है.
दूर तक रेत के जंगल के सिवा कुछ नजर नही आता,
उदास मन प्यासी आँखें लिए चले जा रहे है,
पीछे मुड़ कर देखो नजर आते केवल पैरों के निशान। 
गौर से देखना खो जाना अतीत में,
बाबुल का घर प्यार का अहसास,
कुछ ख़ास।
मिट्टी का चूल्हा,पेड़ पे झूला,
सहेलियों को टोली,मस्ती ठिठोली,
माँ ने बुलाना बना के बहाना असमर्था जताना।
पिता ने बुलाना झट दौड़ आना।
उन यादों को दिल के शो केश में सजा के रखा है। फिलहाल जिंदगी की भाग दौड़,आगे दौड़ पीछे चौड़।  
सुबह की शाम शाम की रात,कुछ भी बदलता नही,
कहने को चल रहा वैसे जीवन चलता नही,
सुबह की अंगड़ाई से रात की जमाई तक सब एक जैसा। 
जीवन का रहस्य क्या जान न पाना,
पिंजरे में कैद पंछी का फड़फड़ाना।  
क्या याद रखु क्या भूल जाऊ,
वैसे अब याद रखने को कुछ भी नही। रीनू"
वैष्णो माँ की जय
विनती मेरी स्वीकार करो,
मन का चमन गुलजार करो,
हम भटके हुए मुसाफिर है,
उद्धार माँ भव से पार करो। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ

कौन हूं मैं जान पाया नही,
ये किसी ने भी बताया नही।
पैर मेरे भटकते ही रहे,
राह मुरसिद ने दिखाया नही।
ये गरीबी रास आई मुझे,
यार को हमने भुलाया नही।
गैर किसको हम कहेगे भला,
अब लगे कोई पराया नही।
सोचते है हम कभी क्या हुआ,
क्यों शमा ने भी जलाया नही।
भीड़ में रैना" न शामिल हुआ,
सिरे कभी हम,ने झुकाया नही। रैना"

Wednesday, July 27, 2016

वैष्णो माँ की जय
मेरी मईया जी हम पे कर्म करदो,
मेरे सिर पे माँ अपना हाथ धर दो,
तेरे दर के भिखारी है हम मेरी माता,
तेरी भक्ति का माँ हमें तुम वर दो। रैना"

मिलते बहुत हैं हाथ मिलाने वाले,
कम ही मिले हैं साथ निभाने वाले।
अब तो भरोसा ही न रहा खुद पे भी,
है मतलबी से यार जमाने वाले।
अब जो नजर आये न दिखे है वैसा,
हैं दांत गज के और चबाने वाले।
मिलती वफ़ा बाज़ार लगे दिल का भी,
होते सफल अब दाम चुकाने वाले।
अन्दाज दिल का क्या न पता लगता,
होते फरेबी अश्क बहाने वाले।
रैना"हुआ बेहाल भला क्यों इतना,
रोशन करेगा मन सांस चलाने वाला। रैना" 

दोस्तों पढ़ कर देखना
मेरे दिल की कली मुरझाई है,
तेरी दुनिया रास न आई है।
इश्क की राह पे जब भी चले,
हमने गहरी सी चोट खाई है।
हमसे ये फैसला नही होता,
हम बेवफ़ा या वो हरजाई है।
किस पे मैं गुमां कर लू तौबा,
अपना कुछ न हर शै पराई है।
हर हाल नेक राह पे चलना,
माँ ने ये बात मुझे समझाई है।
हमने दिल पर पत्थर रख लिया,
तेरी याद जब भी महकाई है।
खुशबू सी महकी आलम में,
रैना"किसीने ज़ुल्फ़ लहराई है। रैना" 

Tuesday, July 26, 2016

तेरी हर अदा कमाल दिलबर,
तू है अनबुझा सवाल दिलबर।
तेरे नैन जाम के पयाले,
तेरा चेहरा जमाल दिलबर।
हर कोई फ़िदा हुआ दिवाना, 
 मतलबी झूठे फरेबी पे कभी एतबार मत करना,
बेदर्दी हवसी इन्सां से कभी तुम प्यार मत करना,
करो मेहनत लगन से तुम चमन निखरे महकाये,
कागज के फूलों से जीवन गुले गुलजार मत करना। रैना"
शब्द चुनौती - आयोजन 11/ मंगलवार, 26 जुलाई, 2016
शब्द -- सैनिक, फ़ौजी, योद्धा या समानार्थी

बेशक अब तो खून हमारा होने लगा है पानी,
तभी तो हम सब भूल रहे है शहीदों की कुर्बानी।
याद करो याद करो भूलो न उनको,
याद करो,
कारगिल के दीवानों को,
जान गवाने वालो को,
याद करो याद करो शहीदों को याद करो।
ऊँची ऊंचाई मुश्किल चढाई फिर भी न थे घबराये,
देश प्रेम की लगन थी लागी अपना फर्ज निभाये,
दुश्मन मोर्चे से ललकारे फिर हिम्मत नही थे हारे,
अपनी जान की लगा के बाजी चोटी पे तिरंगा फहराये।
याद करो याद करो भूलो न उनको याद करो। रैना"



देखना दोस्तों

करना था क्या हम करते है,
जीने को पल पल मरते है।
मन की खाली तस्वीरों में,
नफरत का ही रंग भरते है। 
अन्दर से हम गिरते रहते,
कहने को ऊंचा चढ़ते है।
हर हद को तोड़े रंग बदले,
इन्सां अब कितना गिरते है।
पतियों की हालत ऐसी है,
बीवी से सब ही डरते है।
बच्चों को कम मत कह देना,
मौके पे चौका झड़ते है।
जीते जी रैना"को चिन्ता,
मर के भी दुःख ही जरते है। रैना"



Monday, July 25, 2016


करना था क्या हम करते है,
जीने को पल पल मरते है।
हर हद को तोड़े रंग बदले,
इन्सां अब कितना गिरते है।
पतियों की हालत ऐसी है,
बीवी से सब ही डरते है।
बच्चों को कम मत कह देना,
मौके पे चौका झड़ते है।



Sunday, July 24, 2016


वैष्णो माँ की जय
बड़ी मुश्किल जीवन की डगर माता,
कर रहमत की अब तो नजर माता,
बहुत सह लिया हमने दर्द ओ गम,
अब तो टूट रहा है मेरा सबर माता। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ माँ 

थका सा तू लगे दिलबर हमें भी काम रहता है,
बड़ा मुश्किल हुआ जीना ये चर्चा आम रहता है।
ये सारा खेल किस्मत का तमाशा रोज होता है,
चले सिक्का उसी का ही
तभी बेहाल है रैना"यहां गुमनाम रहता है 

इक कड़वा सच
आजादी के लिए जान दी जिन्होंने दुखड़े झेले,
उनके बच्चे दुःख सह रहे,ठेलों पर बेचते केले,
जो थे अंग्रेजों के हमदर्द फोल्डिंग चममचें चेले,
उनको मिली कुर्सियां वो सदा नोटों में हैं खेले। रैना" 

Saturday, July 23, 2016

दोस्तों  काफी दिनों बाद आया हूँ
आप का आशीर्वाद की दरकार है।

नसीबा ही रहा ऐसा सहारा मिल नही पाया,
बहुत भटके परेशां से किनारा मिल नही पाया। 
तलाशा है शहर लेकिन मिला अपना नही कोई,
फ़िदा दिल जान कर देते पियारा मिला नहीं पाया।
शिकायत ये रही उससे जला दिन रात दिल का घर,
चमन वीरान क्यों मेरा नजारा मिल नहीं पाया।
भली ये रीत उसकी है खिले जो फूल मुरझाये,
जहाँ जो छोड़ कर जाता दुबारा मिल नहीं पाया।
मेरी हसरत करे शिकवा भला अरमान क्यों टूटे,
खफ़ा दिलदार हमसे है इशारा मिल नहीं पाया।
चले हम छोड़ कर दुनिया यही अरमान ले रैना"
जिसे हम कह सके अपना हमारा मिल नही पाया। रैना"


Thursday, July 14, 2016

वैष्णो  माता की जय
सुनो माता मेरी पुकार,
परेशां दिल रहता बेजार।
भटक रहे हम राहों में,
तेरे दर्शन की दरकार।
हम हैं तेरे दर के भिखारी,
हमें बख्शो अपना प्यार।
और न कुछ मांगे तुझ से,
दर्शन दे दे माँ इक बार।
देख लिया घूम के हमने,
दुःखों का घर ये संसार।
रैना"की है यही गुजारिश,
कर देना माँ भव से पार। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 



खुली आंखे चले सांसे अभी तो जान बाकी है,
तेरी किरपा मेरे मौला बची पहचान बाकी है,
नहीं चाहत मेरी कोई रजा तेरी रजा मेरी,
तेरा दीदार हो जाये यहीं अरमान बाकी है। रैना"


कामयाब होने के लिए ये आसान सा मंत्र है,
जिससे मतलब हो उसके पैरों में लिपट जाओ, 
दोस्तों की शान  में पेश है,

नाम तेरा जुबां पे रहे हरदम,
याद में नैन मेरे बहे हरदम।
तुम न सुनते गुजारिश मेरी हमदम,
क्या कहे दर्द कितने सहे हरदम।
मैं से नाता अगर टूट जाये तो,
ये जुबां फिर तू ही तू कहे हरदम।
मान जाओ मेरी बात तुम वरना,
दुःख मिले सितम जां पे ढहे हरदम।
है यही सच वही पार लगते हैं,
धार के संग चले जो बहे हरदम।
रूठ जाना तेरा जान ले लेगा,
काश रैना"संग मेरे खुश रहे हरदम। रैना"


Tuesday, July 12, 2016


एक कटू सत्य

बेशक़ नेता वाक युद्ध बहुत ही तेज करते,
लगी आग में घी डाले पानी से गुरेज़ करते।
झूठ के ठेकेदार हवाई महल बना देते है,
होता कड़वा सच से अक्सर परहेज़ करते।
जनता की तकलीफ से कोई न मतलब है,
गम हो या ख़ुशी क़ायम अपनी इमेज करते।
माया के दीवाने हर हद से गुजर जाते है,
अफ़सोस नोटों से गर्म अपनी सेज करते।
फूट डालो राज करो यही है मूल मंत्र,
ठीक वैसा ही करते जैसा थे अंग्रेज करते।
 जीतने के बाद भूल जाते हैं कसमें वादें,
फिर तो सिर्फ मालदारों को ही अंगेज करते। रैना"

Sunday, July 10, 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ क्यों खफा सी रहती हो,
मेरी सुनती न अपनी कहती हो,
इतनी तो खबर माँ है मझको,
मेरे दुखड़े तो तुम ही सहती हो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 


Wednesday, July 6, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी विनती करो स्वीकार,
करो मुझ पे ये उपकार,
हम माँ तेरे दर के भिखारी,
तेरे चरणों का बख्शो प्यार।रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

वैष्णो रानी की जय जय जय
वैष्णो रानी माँ मेरी माँ वैष्णो रानी माँ,
नाम तेरे मेरी जिन्दगानी माँ 

Tuesday, July 5, 2016


वैष्णो माता की जय जय जय
करो किरपा मेरी माता तेरे दीदार की हसरत,
बहुत तरसे भला कर दे हमें है प्यार की हसरत,
परेशां सा दुखी हूं मैं मेरा दिल टूट जायेगा,
चमन वीरान है अपना करो गुलजार की हसरत। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ



सलामत हम रहे चाहे दुआ मत करना,
वफ़ा के नाम पे दोस्त दगा मत करना।
तुझे हम तो बसा लेंगे यही दिल में,
हमें तू भूल जाने की खता मत करना।
ज़हर देना शिकायत हम नहीं करते,
कभी किरदार दुश्मन का अदा मत करना।
बुरा जब देश से करते
  
मेरी आंखों की प्यास बुझा दे,
जलवा तेरा इक बार दिखा दे,
शब भर रहता इन्तजार तेरा ही,
मेरे मन का वो फूल खिला दे।
सहना मुश्किल है शाम सवेरे,
मेरे दिल का तू दरद मिटा दे।
तेरा मेरा अब मेल नहीं है,
तू बुझते शोलों को न हवा दे।
आशिक मरते बेमौत सदा ही,
अब जीने की हरगिज न दुआ दे।
छेड़े दुनिया अब नाम तेरा ले,
अपने संग मेरा नाम लगा दे।
रैना"तरसे पर दिन न चढ़े है,
सुन ले कोई तरकीब बना दे।रैना'"

Monday, July 4, 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे दिल का दर्द मिटा माता,
मिले फुरसत घर मेरे आ माता,
हम भटक रहा माँ पागल जैसे,
मेरी जन्मों की प्यास बुझा माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ 

Sunday, July 3, 2016

बदला दौर ये कैसे रंग दिखाता है,
अब दिल किराये पे मिल जाता है,
जो रंग बदलने माहिर होता यारों,
वो मन चाहा मूल्य अक्सर पाता है। रैना"