दिल नही लगता अब यहां तेरा शहर सियासत का अड्डा,
और तो सब कुछ ठीक रहा बुरा बना है नफरत का अड्डा।
यार हैं मतलब के सारे गिरगट के जैसे ही रंग बदल जाते,
इस बस्ती में भेड़िये रहते यूं कहने को शराफत का अड्डा। रैना"
और तो सब कुछ ठीक रहा बुरा बना है नफरत का अड्डा।
यार हैं मतलब के सारे गिरगट के जैसे ही रंग बदल जाते,
इस बस्ती में भेड़िये रहते यूं कहने को शराफत का अड्डा। रैना"
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