अब तो बच्चें माँ बाप से दूरी बनाते है,
जीते जी दो घूंट पानी भी न पिलाते है,
बुजुर्गों के मरने के बाद आंसू बहाते हैं,
उनकी याद में वाटर कूलर लगवाते है। रैना"
जीते जी दो घूंट पानी भी न पिलाते है,
बुजुर्गों के मरने के बाद आंसू बहाते हैं,
उनकी याद में वाटर कूलर लगवाते है। रैना"
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