खुली आंखे चले सांसे अभी तो जान बाकी है,
तेरी किरपा मेरे मौला बची पहचान बाकी है,
नहीं चाहत मेरी कोई रजा तेरी रजा मेरी,
तेरा दीदार हो जाये यहीं अरमान बाकी है। रैना"
तेरी किरपा मेरे मौला बची पहचान बाकी है,
नहीं चाहत मेरी कोई रजा तेरी रजा मेरी,
तेरा दीदार हो जाये यहीं अरमान बाकी है। रैना"
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