Monday, July 4, 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे दिल का दर्द मिटा माता,
मिले फुरसत घर मेरे आ माता,
हम भटक रहा माँ पागल जैसे,
मेरी जन्मों की प्यास बुझा माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ 

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