शब्द चुनौती - आयोजन 11/ मंगलवार, 26 जुलाई, 2016
शब्द -- सैनिक, फ़ौजी, योद्धा या समानार्थी
बेशक अब तो खून हमारा होने लगा है पानी,
तभी तो हम सब भूल रहे है शहीदों की कुर्बानी।
याद करो याद करो भूलो न उनको,
याद करो,
कारगिल के दीवानों को,
जान गवाने वालो को,
याद करो याद करो शहीदों को याद करो।
ऊँची ऊंचाई मुश्किल चढाई फिर भी न थे घबराये,
देश प्रेम की लगन थी लागी अपना फर्ज निभाये,
दुश्मन मोर्चे से ललकारे फिर हिम्मत नही थे हारे,
अपनी जान की लगा के बाजी चोटी पे तिरंगा फहराये।
याद करो याद करो भूलो न उनको याद करो। रैना"
शब्द -- सैनिक, फ़ौजी, योद्धा या समानार्थी
बेशक अब तो खून हमारा होने लगा है पानी,
तभी तो हम सब भूल रहे है शहीदों की कुर्बानी।
याद करो याद करो भूलो न उनको,
याद करो,
कारगिल के दीवानों को,
जान गवाने वालो को,
याद करो याद करो शहीदों को याद करो।
ऊँची ऊंचाई मुश्किल चढाई फिर भी न थे घबराये,
देश प्रेम की लगन थी लागी अपना फर्ज निभाये,
दुश्मन मोर्चे से ललकारे फिर हिम्मत नही थे हारे,
अपनी जान की लगा के बाजी चोटी पे तिरंगा फहराये।
याद करो याद करो भूलो न उनको याद करो। रैना"
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