Thursday, July 14, 2016

दोस्तों की शान  में पेश है,

नाम तेरा जुबां पे रहे हरदम,
याद में नैन मेरे बहे हरदम।
तुम न सुनते गुजारिश मेरी हमदम,
क्या कहे दर्द कितने सहे हरदम।
मैं से नाता अगर टूट जाये तो,
ये जुबां फिर तू ही तू कहे हरदम।
मान जाओ मेरी बात तुम वरना,
दुःख मिले सितम जां पे ढहे हरदम।
है यही सच वही पार लगते हैं,
धार के संग चले जो बहे हरदम।
रूठ जाना तेरा जान ले लेगा,
काश रैना"संग मेरे खुश रहे हरदम। रैना"


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