Friday, February 28, 2014

kiraye

किरायेदार पे न मुझे विश्वास है,
घर के असली मालिक की तलाश है,
राम जाने कब आएगा। रैना"

कविता ही "रैना"की जिंदगी है,
वैसे अजल कब की पीछे पड़ी है। रैना"

दिल को इक भी पल चैन आराम नही होता,
लफ्जों के फूल चुनना आसान काम नही होता। रैना"

ik uljhan si

बादलों से गिला किसान को,
क्यों फसल पे ओले बरसाये,
शादी न हो पाये मेरी बेटी की,
जो चार पैसे न मेरे घर आये।रैना"


इंतजार करना हमारी आदत हो गई,
देर से आना आप की फितरत हो गई,
क्या करे ये नखरें हम हंस के उठाते हैं,
क्योकि हमको तुमसे मोहब्बत हो गई। रैना"

दोस्तों हमारी "मां इवेंट्स कम्पनी" ने नये सिंगरों को परमोट करने का कार्य शुरू किया है
इच्छुक सिंगर किसी बड़ी कंपनी के साथ काम करने के लिए हमारे से सम्पर्क कर सकते है।
09416076914, 07206404122 

दिल में जमी बर्फ पिंगली आंखों से दरिया बह निकला,
वो बेवफा था जालिम फरेबी अलविदा बेवक्त कह निकला। रैना

अब ये मत कहना ????
बच्चे ही शरारत करते है,
आजकल तो बूढ़े भी बहकने लगे है।"रैना"

फेसबुक की मेहरबानी,
लौट आई अपनी जवानी,
मुझ बूढ़े को काम मिल गया,
वर्ना बच्चे कहते इस बूढ़े को????
कोई काम नही भौकने के सिवा। रैना"







Thursday, February 27, 2014

bde beshrm hai

रैना"बड़े ही बेशर्म हैं बराड़ा के मच्छर,
सर्दी में भी जान हथेली पे रखे घूमते रहे। रैना"

तुझ से मिले कैसे बहाना ही नही,
गर है बहाना तो बता दे तू मुझे। रैना"

तू मेरे आस पास पर सामने आता नही ,
अपने घर का रास्ता भी तो बताता नही।
तू खुद तो इक भी पल सोता नही है, 
मगर मैं गहरी नींद सोया तू जगाता नही। रैना"
सुप्रभात जी। ....... जय जय मां  

Tuesday, February 25, 2014

hwa ko chirgo se

हवा को चिरागों से ये गिला है,
मैं बुझाती तुम फिर जलने लगते। रैना"
सुप्रभात। ................... जय जय मां 

Monday, February 24, 2014

likhne me gujari

 लिखने में गुजारी हमने उम्र तमाम,
फिर भी लिख न पाया पर्दानशी का नाम।
देखो असर ये कैसा मन को मिले आराम,
जब भी मेहरबां का आये जुबां पे नाम। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय मां

  

Saturday, February 22, 2014

ham tujhse pyar

चाहते मिलन हो पर परेशानी न हो,
जिन्दगी की गमगीन कहानी न हो।
घर में बैठे मिल जाये श्याम सुन्दर,
गलियों में भटकती मीरा रानी न हो।रैना "
सुप्रभात जी  ............. जय जय मां  

सी एम भूपेंद्र सिंह हुड्डा घना सयाना,
एजुकेशन हब बना दिया स हरियाणा। रैना"
रैना"अच्छा है जो इश्क से कोई वास्ता नही है,
वैसे इश्क के घर से निकलने का रास्ता नही है। रैना"

Friday, February 21, 2014

teri adao ka koi

तू मुझ में तो शामिल है,
फिर भी मिलना मुश्किल है।
सुप्रभात जी  ....... जय जय मां

दोस्तों इस पर नजर डालना मेहरबानी होगी

देख के आईना मंद मंद मुस्कराना अच्छा लगता है,
वाह कहना खुद ही खुद पे इतराना अच्छा लगता है।
मन के घर की सफाई करने से गुरेज़ रहती है अक्सर,
नहा धोकर पहन कपड़े छैला बन जाना अच्छा लगता है।
उठते को देखकर मन में बहुत जलन सी होने लगती,
खिंच टांग अड़ा कर किसी को गिराना अच्छा लगता है।
अपने अंदर हिम्मत की कमी तो अक्सर बनी रहती है,
दूसरे के कन्धे पे बंदूक रख के चलाना अच्छा लगता है।
रैना"को सच से एलर्जी यही तो उसकी एक परेशानी है,
मगर उसको झूठ बोलना बहाने बनाना अच्छा लगता है। रैना"    

ab har koi sochta

दोस्तों मेरी इस कविता को अन्यथा न ले

अब हर कोई सोचता बस मेरा ही फायदा हो,
गांधी मेरे भगत सिंह पड़ौसी के घर पैदा हो।
क्योकि भगत सिंह इंकलाब के नारें लगाएगा,
निसंदेह इक दिन  फांसी पे लटकाया जायेगा।
देश भक्त प्यारे की अर्थी भी न उठाई जायेगी,
आधी रात को सतलुज किनारे जलाया जायेगा।
अफ़सोस शहीद का दर्ज भी नसीब नही होगा,
इतिहास भी आंतकवादी के रूप दिखाया जायेगा।
गर गांधी होगा तो राष्ट्र पिता तो कहलायेगा,
हर नोट पर बापू गांधी हँसता नजर तो आएगा।
भगत सिंह का घर चाहे खंडर हो गया होगा मगर, 
बापू गांधी का घर तो पर्यटन स्थल कहलायेगा।रैना"
   

Thursday, February 20, 2014

chhup chhup rota panchhi

छुप छुप रोता पंछी कोई दर्द न जाने,
रोकता बहुत वो पर कोई भी न माने।
मिलती न उसे खुराक उसके मन की,
मज़बूरी में खा रहा है वो ज़हर के दाने।
इस बात का अफ़सोस मलाल रह गया,
यहां बहुत भटका वहां भी गम हैं उठाने।
रैना"नासमझ सोच कभी तन्हा बैठ के,
पंछी उड़ा साथ छोड़ देगे अपने बेगाने।  रैना"
सुप्रभात जी। ............. जय जय मां 

कलम का सिपाही हूं,
मेरे हिस्से में भी ????
वही आना है ?????
जो सीमा पे खड़े????
देश भक्त सिपाही के हिस्से में आता है  
ये तो पागल है। रैना"

kai si jmi hai dil ki

काई जम गई दिल की धरती पर,
अच्छी बात अक्सर फिसल जाती है। रैना"
इंसान को कुत्ता कह के ????
कुत्ते की तोहीन मत कर ???
कुत्ते तो वफादार होते है। रैना"


चुनावी मौसम का असर देखिये,
नेता झूठ के व्यंजन पक्का रहा है,
मेरे भारत देश का महान दयावान,
मतदाता बड़े मजे से खा रहा है।रैना"  

Wednesday, February 19, 2014

sadguru

सदगुरु बाबा कांशी गिर जी महाराज जी 

गुरू गद्दी 1008 सदगुरु बाबा कांशी गिर जी (बाण गंग वाले)
बनपुरी भजवाल तहसील सुन्दरबनी जिला राजौरी जम्मू कश्मीर 
संस्थापक गुरू गोसाई मेला राम जी ,गुरु गद्दी आसीन गुरू गोसाई बृज भूषण जी  

Tuesday, February 18, 2014

anjan raho pe

अक्सर अनजान राहों पे चलता रहता हूं,
मैं चिराग नही फिर भी जलता रहता हूं।
खैर इतनी तो मुझको भी खबर रहती है,
मैं सूरज के जैसे निरंतर ढलता रहता हूं।
क्या करू मजबूरी ने घेर रखा है मुझको,
मैं गिरगट के जैसे रंग बदलता रहता हूं।
काली रात देख कर बहुत ही डर लगता है,
यूं रोशनी देख कर तो मैं मचलता रहता हूं।
बातों के किला बनाना मुझे बाखूबी आता है,
हकीकत का सामना करने से डरता रहता हूं। रैना"

is me koi tark vitrk

खैर इस में तो कोई तर्क वितर्क नही है,
दीपेंद्र की नीयत ओ नीति में फर्क नही है।रैना"

यूं ही भटके सारा दिन काम,
मन को फिर भी नही आराम,
गर सकून की हसरत तमन्ना,
कर दो घड़ी मालिक के नाम।रैना"
सुप्रभात जी। ……जय जय मां   

mai betab bahut tha dosto ko

दिल बेताब रहा दोस्तों को मिलने के लिए,
मगर क्या करते????
पैसे के अभाव में नेट धोखा दे गया। रैना"

मैं लहर हूं तुम साहिल हो जाओ,
फेसबुक के जैसे????
मेरी जिंदगी में शामिल हो जाओ। रैना" 

पति पत्नी से ????
तुम मेरे जीवन कि वाल पे ???
कुछ भी पोस्ट करदो ,
लाइक करना मेरी मजबूरी है। रैना"

मैं कवि नही ताबेदार हूं, 
लफ्जों की माला पिरोने के लिए,
मां सरस्वती ने नौकरी पे लगा रखा है। रैना"

यूँ ही चलती रहती कलम मेरी ,
वैसे मुझे अपनी भी होश नही।रैना "

वैसे बरबादी की जरूरत क्या है,
कलम से दोस्ती हो गई????
फिर शादी की जरूरत क्या है।
गर शादी हो गई????
फिर गाड़ी पटरी पे न आयेगी,
कलम तो चलती रहेगी????
वो रोयेगी चिलाएगी,
सरस्वती मां की पुजारन कलम,
सौतन कहलायेगी। रैना"    

Wednesday, February 12, 2014

gairon se jab rishta

मेरा दिल तूने तोडा,
गैरों से रिश्ता जोड़ा,
टूटा दिल पूछे तुझसे, 
रैना"क्यों दामन छोड़ा। रैना"
मुसाफिर पूछे रास्ता मुसाफिर से,
दोनों जानते जाना है कहां,
मगर रास्ते से बेखबर हैं,
जिस में ठहरे दो घड़ी के लिए,
उसको कहते अपना घर हैं। रैना" 

इक भी पल दिल को आराम नही होता,
दिल ज्यादा परेशां जब काम नही होता। रैना"

तेरी हर हरकत की खबर रखता है,
सावधान कोई तुझ पे नज़र रखता है। रैना"

   

Sunday, February 9, 2014

rista khud se

रिश्ता खुद से कायम कर,
इन्सां नही भगवान से डर। रैना"
सुप्रभात जी। ………जय जय मां 

main byan karta hu

मैं ब्यां करता हूं दर्द दिल का,
लोग मुझे शायर कहने लगे। रैना"

मौका बेमौका?????
मेरे दिल के घर का ???
जायजा लेता है कोई।रैना"

मुझे समझने की जरूरत क्या है,
मैं खुली किताब हूं मुझे पढ़ते रहो।रैना"  

sukhe n meri aankho

सूखे न मेरी आंखों से नमी,
खलती अक्सर तेरी ही कमी,
और सबकुछ मिट गया मेरा,
तेरी इंतजार में सांस न थमी। रैना"

खता न तेरी कसूर मेरा है,
मैंने ही तुझसे मुख फेरा है,
तूने फिर भी न बदले तेवर,
फिराग दिल सनम मेरा है। रैना"

प्यार की भाषा अब न समझे आँखें,
देखती गौर से जेब कितनी भारी है। रैना"

कभी तो वक़त बदलेगा यही सोच दिल समझाया मगर
वक़त बदला नही अफ़सोस अपने कपड़े बदल गये। रैना"   

Friday, February 7, 2014

tera pyar to jruri hai

तेरा प्यार तो जरुरी है मगर,
खून के रिश्तों का क़त्ल कैसे कर दू।  रैना"


बेशक नादानी अक्सर पछताती है,
बगावत की शादी ?????
बच्चों के लिए नासूर बन जाती है। " रैना"

सुर और ताल से कोई वास्ता नही,
पैसा गा रहा अब राग सियासत का। रैना"

मैं घुंघरू कि तरह बजता ही रहा,
मगर उसे गीत प्यार का गाना नही आया। रैना"

चले गये जिंदगी से ले गए सब कुछ छीन कर,
फिर यादों का काफिला क्यों छोड़ गये मेरे लिए। रैना"

जब मैं सुनाता हूं दर्द अपना,
दोस्त कहते वाह क्या बात है। रैना"

जानते हुए भी अनजान है हम,
कोई हमारे लिए दिन रात सोचता है। रैना"

अपनापन समर्पण त्याग तपस्या देख कर,
मैंने जान लिया मेरी मां ही भगवान है। रैना" 

Thursday, February 6, 2014

mere malik

 मेरे मालिक गुजारिश कबूल कर ले,
चैन से कट जाये बाकी जिन्दगी मेरी।
नेक कर्म हो हर जीव की करू मैं सेवा,
मग्न मस्ती में हरपल बन्दगी तेरी।रैना"
सुप्रभात जी। ……………जय जय मां    

kat rhe hai din

काट रहे हैं दिन उसकी याद में,
कभी उसको याद मेरी आएगी जरुर। रैना"

दिल पे चला आरी वो हंसने लगे,
बेदर्द नही जानता दिल के दर्द को। रैना"

रूप हुस्न हुनर फन कलाकारी,
दौलत के सामने सब बौने से है। रैना"

दिल के दरवाजे पे दस्तक देता है कोई,
ऐसा लगे वो इस खण्डर के बारे जानता नही। रैना"

चुनावी मौसम का असर देखिये,
सियासतदानों को याद आने लगी गांव की। रैना"







Wednesday, February 5, 2014

jo mera apna usko

दुश्मन से दिल लगाया मैंने,
जो मेरा उसको भुलाया मैंने।
मन के घर को साफ न किया,
यूं चेहरा बहुत चमकाया मैंने।
सच से सदा दूरी बना के रखी,
झूठे सपनों को सजाया मैंने।
मुर्ख औरों को मैं कहता रहा,
बेवकूफ़ खुद को ही बनाया मैंने।
शाम ढ़ले तो तब ही याद आये,
बेवजह मन क्यों भटकाया मैंने।
बहुत कुछ पाने की चाहा में ही,
"रैना"सब कुछ तो गवाया मैंने। रैना"
सुप्रभात जी  ………जय जय मां 

Tuesday, February 4, 2014

apna brada

अपना बराड़ा बड़ा प्यारा????
सारे विश्व में मशहूर है,
अफ़सोस ?????
यहां पशु हस्पताल बीच बाजार में,
इंसानों का हस्पताल बहुत दूर है। रैना"

insan aksar ye khta

दोस्तों अपने विचार बताना

इंसान अक्सर ये खता करता,
बावफा के साथ भी दगा करता।
अपनी कमियों को देखता नही,
औरों के ऐब ढूंढता पता करता।
अपनी आबादी की खैर मांगता,
यार हो बरबाद यही दुआ करता।
टूटे दिल का कोई इलाज नही,
राँझा कैसे फिर इलाज दवा करता।    
रैना"ने मां बाप से बना ली दूरी,
बेवफा अपना फर्ज न अता करता। रैना"
  
  

din bhar bhatkte rhe

दिन भर भटकते रहे शाम ढ़ली तो याद आया,
बेवकत हिसाब लगाने बैठे खोया क्या है पाया।
चारो तरफ गुप घना अन्धेरा कुछ नजर न आये,
आई मुश्किल घड़ी साथ छोड़ गया अपना साया। रैना"
सुप्रभात जी। …………जय जय मां  

use hansna n aaya

उसे हंसना न आया,हमें रोना न आया,
उसे जागना न आया,हमें सोना न आया।
उसके पास कोई कमी नही थी मेरे यारों,
उसे पाना न आया और हमें खोना न आया।
वक़त कि चोटों ने दिल पत्थर कर दिया,
सावन के माह में भी पलकें बिगोना न आया। रैना"      

sath mere

बिछुड़ के फिर दोबारा न मिला,
बेशक जायज है उसका गिला। 
बेवफा ये सारा शहर ही हो गया,
भूले हम भी क्या वफ़ा का सिला। 
शमा से ही इतनी हमदर्दी क्यों है,
शमा से बेकसूर परवाना भी जला।
माली सोचता अब दिन बदलेगे,
गुलशन में जब कोई फूल है खिला। 
जीने कि अब कोई तमन्ना न रही,
साकी रैना"को जाम नही जहर पिला। रैना"    

Monday, February 3, 2014

mujh pe jan

शादी के बाद बिगड़ गया है,
सारा ही वो हसीं खेल,
मुझ पे जान छिड़कने वाला,
अब छिड़क रहा मिट्टी का तेल।
सिर्फ लाइटर दिखाना बाकी है। रैना"
रैना" के छक्के
इतिहास गवाह है,
खुद्दारी का सिला, फंदा मिला,
जिन्होंने अंग्रेजों के सामने???
पूंछ हिलाई,
उन्होंने कुर्सी पाई। रैना"

tutna sikh gye

कर्म करते रहे हाथ पैर चलते रहे,
रुकना नही आया,
टूटना तो सीख लिया मगर हमें,
झुकना नही आया। रैना"

बेशक भारत में अब भी अंग्रेज रहते हैं,
तभी तो हम खुद्दार को गुस्ताख कहते हैं। रैना"


apne bare me hi maine socha

मैंने अपने बारे में ही सोचा अक्सर,
उसके बारे सोचते फुरसत न मिली। रैना" 

Sunday, February 2, 2014

manjil ki khabr

मंजिल की खबर फिर भी बेखबर हैं हम,
सब बख्शा उसने फिर भी बेसबर हैं हम।
खुली आँखें फिर भी कुछ नजर न आता,
"रैना"वैसे यूं कहने को तो बानज़र हैं हम। रैना" 

are b hai

"       "रैना" के छक्के
एक विशेष पार्टी के कार्यकर्त्ता आपस में बात कर रहे है,
एक कार्यकर्ता??????
अरे भाई हमारी पार्टी जब सता में नही थी,
तब हमारें नेता हमें पुलिस से पिटवाते थे,
अब जब पार्टी सता में है????
वो नेता मुख्यमंत्री है ????
फिर भी हमें पुलिस से पिटवा रहे हैं,
कही इन्होने जनता को पिटवाने का ठेका तो नही ले रखा।
दूसरा कार्यकर्ता बोला ??????
इसका पता लगाने के लिए धरना देना पड़ेगा।"रैना"  

din bhar bhagta hai kopi

दिन भर भागता है कोई,
रात भर जागता है कोई।
 पैसे ने कर दिया पागल,
हर सीमा लांघता है कोई।
कुछ भी हासिल न होना,
फिर भी न मानता है कोई।
हीरा नसीब किसमत से,
यूं मिट्टी छानता है कोई।
दिन निकला रैना" ढलनी,
अन्जाम तो जानता है कोई। रैना"   
  

Saturday, February 1, 2014

nmaskar mera

नमस्कार मेरा स्वीकार करे,
ये मशवरा खुद से प्यार करे।
बामुश्किल मिली है फुरसत,
हर हाल में उसका दीदार करे।
सूने मन को बना ले मन्दिर,
नाम की लौ से गुलजार करे।
चले जाये दूर लौटना मुश्किल,
इतना सोच के अपना सुधार करे।
टूटी कश्ती तेज दरिया बहता,
फिर भला कैसे मझदार पार करे।
जब रैना"हो फिर कुछ न हासिल,
दिन में ही कुछ सोच विचार करे।
------------- राजेंदर शर्मा "रैना"    
सुप्रभात जी -------जय जय मां    

ise gam kahr ya khushi

इसे दुःख कहे या ख़ुशी????
केजरीवाल बहुत जल्दी नेता हो गये है,
बने तो थे वो दिल्ली के मुख्यमंत्री ??????
मगर वो किन्ही और बातों में खो गये है।
इसे नासमझी कहे या अधिक समझदारी,
पर अपने हाल पे फूट फूट रो रही जनता बेचारी। रैना" 

kis muah se

किस मुंह से कहता वो मुझसे दूर है,
तू ही भूला है मुझे मेरा क्या कसूर है।
ये मजबूरी तेरी हर खता माफ़ करता,
मैं महसूस करता तू मेरा अपना जरुर है। रैना"