दोस्तों अपने विचार बताना
इंसान अक्सर ये खता करता,
बावफा के साथ भी दगा करता।
अपनी कमियों को देखता नही,
औरों के ऐब ढूंढता पता करता।
अपनी आबादी की खैर मांगता,
यार हो बरबाद यही दुआ करता।
टूटे दिल का कोई इलाज नही,
राँझा कैसे फिर इलाज दवा करता।
रैना"ने मां बाप से बना ली दूरी,
बेवफा अपना फर्ज न अता करता। रैना"
इंसान अक्सर ये खता करता,
बावफा के साथ भी दगा करता।
अपनी कमियों को देखता नही,
औरों के ऐब ढूंढता पता करता।
अपनी आबादी की खैर मांगता,
यार हो बरबाद यही दुआ करता।
टूटे दिल का कोई इलाज नही,
राँझा कैसे फिर इलाज दवा करता।
रैना"ने मां बाप से बना ली दूरी,
बेवफा अपना फर्ज न अता करता। रैना"
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