Friday, February 21, 2014

ab har koi sochta

दोस्तों मेरी इस कविता को अन्यथा न ले

अब हर कोई सोचता बस मेरा ही फायदा हो,
गांधी मेरे भगत सिंह पड़ौसी के घर पैदा हो।
क्योकि भगत सिंह इंकलाब के नारें लगाएगा,
निसंदेह इक दिन  फांसी पे लटकाया जायेगा।
देश भक्त प्यारे की अर्थी भी न उठाई जायेगी,
आधी रात को सतलुज किनारे जलाया जायेगा।
अफ़सोस शहीद का दर्ज भी नसीब नही होगा,
इतिहास भी आंतकवादी के रूप दिखाया जायेगा।
गर गांधी होगा तो राष्ट्र पिता तो कहलायेगा,
हर नोट पर बापू गांधी हँसता नजर तो आएगा।
भगत सिंह का घर चाहे खंडर हो गया होगा मगर, 
बापू गांधी का घर तो पर्यटन स्थल कहलायेगा।रैना"
   

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