Friday, February 28, 2014

ik uljhan si

बादलों से गिला किसान को,
क्यों फसल पे ओले बरसाये,
शादी न हो पाये मेरी बेटी की,
जो चार पैसे न मेरे घर आये।रैना"


इंतजार करना हमारी आदत हो गई,
देर से आना आप की फितरत हो गई,
क्या करे ये नखरें हम हंस के उठाते हैं,
क्योकि हमको तुमसे मोहब्बत हो गई। रैना"

दोस्तों हमारी "मां इवेंट्स कम्पनी" ने नये सिंगरों को परमोट करने का कार्य शुरू किया है
इच्छुक सिंगर किसी बड़ी कंपनी के साथ काम करने के लिए हमारे से सम्पर्क कर सकते है।
09416076914, 07206404122 

दिल में जमी बर्फ पिंगली आंखों से दरिया बह निकला,
वो बेवफा था जालिम फरेबी अलविदा बेवक्त कह निकला। रैना

अब ये मत कहना ????
बच्चे ही शरारत करते है,
आजकल तो बूढ़े भी बहकने लगे है।"रैना"

फेसबुक की मेहरबानी,
लौट आई अपनी जवानी,
मुझ बूढ़े को काम मिल गया,
वर्ना बच्चे कहते इस बूढ़े को????
कोई काम नही भौकने के सिवा। रैना"







No comments:

Post a Comment