Saturday, February 1, 2014

ise gam kahr ya khushi

इसे दुःख कहे या ख़ुशी????
केजरीवाल बहुत जल्दी नेता हो गये है,
बने तो थे वो दिल्ली के मुख्यमंत्री ??????
मगर वो किन्ही और बातों में खो गये है।
इसे नासमझी कहे या अधिक समझदारी,
पर अपने हाल पे फूट फूट रो रही जनता बेचारी। रैना" 

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