Friday, February 21, 2014

teri adao ka koi

तू मुझ में तो शामिल है,
फिर भी मिलना मुश्किल है।
सुप्रभात जी  ....... जय जय मां

दोस्तों इस पर नजर डालना मेहरबानी होगी

देख के आईना मंद मंद मुस्कराना अच्छा लगता है,
वाह कहना खुद ही खुद पे इतराना अच्छा लगता है।
मन के घर की सफाई करने से गुरेज़ रहती है अक्सर,
नहा धोकर पहन कपड़े छैला बन जाना अच्छा लगता है।
उठते को देखकर मन में बहुत जलन सी होने लगती,
खिंच टांग अड़ा कर किसी को गिराना अच्छा लगता है।
अपने अंदर हिम्मत की कमी तो अक्सर बनी रहती है,
दूसरे के कन्धे पे बंदूक रख के चलाना अच्छा लगता है।
रैना"को सच से एलर्जी यही तो उसकी एक परेशानी है,
मगर उसको झूठ बोलना बहाने बनाना अच्छा लगता है। रैना"    

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