मेरा दिल तूने तोडा,
गैरों से रिश्ता जोड़ा,
टूटा दिल पूछे तुझसे,
रैना"क्यों दामन छोड़ा। रैना"
मुसाफिर पूछे रास्ता मुसाफिर से,
दोनों जानते जाना है कहां,
मगर रास्ते से बेखबर हैं,
जिस में ठहरे दो घड़ी के लिए,
उसको कहते अपना घर हैं। रैना"
इक भी पल दिल को आराम नही होता,
दिल ज्यादा परेशां जब काम नही होता। रैना"
तेरी हर हरकत की खबर रखता है,
सावधान कोई तुझ पे नज़र रखता है। रैना"
गैरों से रिश्ता जोड़ा,
टूटा दिल पूछे तुझसे,
रैना"क्यों दामन छोड़ा। रैना"
मुसाफिर पूछे रास्ता मुसाफिर से,
दोनों जानते जाना है कहां,
मगर रास्ते से बेखबर हैं,
जिस में ठहरे दो घड़ी के लिए,
उसको कहते अपना घर हैं। रैना"
इक भी पल दिल को आराम नही होता,
दिल ज्यादा परेशां जब काम नही होता। रैना"
तेरी हर हरकत की खबर रखता है,
सावधान कोई तुझ पे नज़र रखता है। रैना"
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